ज्योतिष विज्ञान का दावा: 15 अप्रैल के बाद खत्म हो जाएगा कोरोना का खौफ, जानें ग्रहों की दशा
जोधपुर। कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया खौफजदा है। भारत में भी कोरोना से संक्रमित मरीजों का आकड़ा सौ को पार कर गया। केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने एडवाइजरी जारी कर 31 मार्च तक सभी भीड़भाड़ वाली जगहों को लगभग बंद कर रखा है।

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री तो कहीं पर्यटन मंत्री 15 अप्रैल के बाद कोरोना वायरस का खौफ खत्म होने की उम्मीद जता रहे हैं। आखिर कोरोना वायरस का 15 अप्रैल 2020 से क्या कनेक्शन है। किसी देश में वैज्ञानिकों ने इसके खात्मे के लिए कोई फार्मूला इजाद कर लिया है या फिर राजनेता घर बैठे-बैठे ही बयान दे रहे हैं।
दरअसल, हम आपको बता दें कि 15 अप्रैल के बाद कोरोना का असर कम होने के पीछे की वजह ज्योतिष गणित है। ज्योतिषशास्त्र पर पकड़ रखने वाले जोधपुर के पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी बताते हैं कि कोरोना वायरस ज्योतिष के अनुसार जो भी वायरस महामारी फैलता हैं वो राहु और शनि से प्रभावित होता है, जो ऑक्सीजन को दूषित करके हवा को विषैला बनाते हैं।
राहु का संबंध धुएं और आसमान दोनों से है। ऐसे ही कोई वायरस हवा में कहीं भी पहुंच जाता है। शनि हवा में पैदा हुए कण हैं, जो इसको फैलाने में मदद करते हैं। अभी राहु अपनी उच्च राशि मिथुन में गोचर कर रहे हैं, जो भारत की कुंडली का दूसरे घर हैं यह आम इंसान के मुंह और नाक के ग्रह का भी घर है। इस घर में चंद्र उच्च के और बृहस्पति कारक ग्रह हैं। शनि अपनी मकर राशि में हैं और ये हमारी ऑक्सीजन को प्रभावित करते हैं। जिसका कारक ग्रह बृहस्पति है। नाक के जरिए सांस लिया जाता है और ऑक्सीजन शरीर तक पहुंच कर जीवन प्रदान करती है।
कोरोना वायरस का हमला श्वास के जरिए मानव शरीर में पहुंच कर नुकसान पहुंचा रहा है। पूरे ब्रह्मांड की ऑक्सीजन पर बृहस्पति का स्वामित्व स्थापित है। ऑक्सीजन बारिश के कारण पैदा होती है, जिससे पेड़-पौधे फलते-फूलते हैं और स्वच्छ वायु देते हैं। जिसका कारक ग्रह चंद्र है। वर्तमान समय में भारत पर कोरोना वायरस का असर शुरू हो चुका है।चंद्र और बृहस्पति दोनों ग्रह उत्तर दिशा को केंद्रित करते हैं। भारत में इसका असर उत्तरी भारत में ज्यादा होगा जैसे कि दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर। होली के बाद इसका असर बढ़ा। अमावस्या से यानि कि 24 मार्च से इस कोरोना वायरस को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
30 मार्च से बृहस्पति अपनी नीच राशि में प्रवेश करेंगे, जहां शनि देव पहले से ही बैठे हैं। आठवें भाव में मंगल और केतु अंगारक दोष बना रहे हैं। ग्रहों के इस प्रभाव के परिणाम स्वरूप आमजन मानस को अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। दिन के बजाय रात में करोना वायरस का असर ज्यादा रहेगा, लेकिन जैसे-जैसे गर्मी का मौसम बढ़ेगा तो इसके प्रभाव में कटौती होनी शुरू हो जाएगी। 13 अप्रैल से सूर्य देव अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे तो कोरोना वायरस का अंत शुरू होगा। इसके लिए हर व्यक्ति को अपना चंद्र और बृहस्पति शुभ स्थिति में रखने की अवश्यकता है।












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