कश्मीरी पार्टियों को मंजूर नहीं जम्मू और कश्मीर का परिसीमन फार्मूला

नई दिल्ली, 21 दिसंबर। आयोग की सोमवार 20 दिसंबर को दिल्ली में बैठक हुई थी जिसमें बीजेपी के दो सांसद और एनसी के तीन सांसद भी शामिल हुए थे. बैठक में आयोग ने सभी सदस्यों के साथ विधान सभा में सीटों के प्रस्तावित आबंटन को साझा किया और उन्हें 31 दिसंबर तक अपने विचार सामने रखने को कहा.
आयोग ने विधान सभा में सात सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जिनमें से छह जम्मू में होंगी और एक कश्मीर में. इसी के साथ विधान सभा में कुल सीटों की संख्या 90 हो जाएगी. इनमें से जम्मू की सीटें 37 से बढ़कर 43 हो जाएंगी और कश्मीर की सीटें 46 से बढ़कर 47.
जनसंख्या के आधार पर?
बीजेपी को छोड़ कर कश्मीर में चुनाव लड़ने वाली सभी पार्टियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है. एनसी के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपना विरोध जताते हुए एक ट्वीट में कहा कि सीटों के इस आबंटन का 2011 की जनगणना के आंकड़े समर्थन नहीं करते. उन्होंने आयोग पर बीजेपी के राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया.
इसके अलावा एनसी सांसद और आयोग के एसोसिएट सदस्य हसनैन मसूदी ने इंडियन एक्सप्रेस अखबार को बताया कि उन्होंने आयोग से कहा कि परिसीमन जिस जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत किया जा रहा है उसके खिलाफ अदालत में मुकदमा चल रहा है और ऐसे में उसके तहत फैसले नहीं लिए जा सकते.
पीडीपी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा कि आयोग को लेकर उनकी आशंका सही निकली और आयोग लोगों को धार्मिक और प्रांतीय आधार पर बांटकर बीजेपी के राजनीतिक हितों के लिए काम कर रहा है.
परिसीमन के नियमों के अनुसार विधान सभी की सीटों का पुनर्गठन सिर्फ जनसंख्या के आधार पर ही होना चाहिए और इसके लिए 2011 की जनगणना के आंकड़े लिए जाने चाहिए थे. इन आंकड़ों के अनुसार कश्मीर की आबादी (68.8 लाख) जम्मू की आबादी (53.5 लाख) से 15 लाख ज्यादा है.
इसी वजह से जम्मू और कश्मीर की विधान सभा में कश्मीर की 46 सीटें थीं और जम्मू की 37. इसके अलावा लद्दाख की चार सीटें भी थीं. 2019 में राज्य का दर्जा खत्म कर दिया गया और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नाम के दो अलग अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिए गए.
लेकिन नए प्रस्ताव के अनुसार आबादी के आंकड़ों में इतना फर्क होने के बावजूद जम्मू में कश्मीर से बस चार ही सीटें कम रह जाएंगी. यानी विधान सभा में जम्मू के प्रतिनिधित्व का अनुपात बढ़ जाएगा.
Source: DW
-
Sonali Bendre Caste: पंजाबी गोल्डी की आंखों में बसने वाली सोनाली बेंद्रे की क्या है जाति? -
भारत में बनेगा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, 1 लाख दर्शक क्षमता, अहमदाबाद को टक्कर देने की तैयारी -
US-Israel-Iran War: Khamenei के सलाहकार Kamal Kharazi पर एयर स्ट्राइक, पत्नी की मौत, कितने हैं बच्चे? -
Ex IPS Shivdeep Lande: 'तुमने मुझे झकझोर दिया', कौन हैं लांडे? क्यों हुए बीवी के सामने नतमस्तक? -
AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से क्यों हटाया? किसे दी जगह? पार्टी की कोई नई रणनीति?- समझें -
LPG Price Today: आज फिर से बढ़े सिलेंडर के दाम? आपके शहर में क्या है एलपीजी का रेट? -
Hanuman Jayanti 2026 : हनुमान जयंती पर मंगल का गोचर, इन 4 राशियों की बदलेगी किस्मत, शुरू होगा गोल्डन टाइम -
आम जनता को राहत! इन प्रोडक्ट पर Customs Duty खत्म, बाजार जाने से पहले चेक करें क्या होगा सस्ता? -
IPL 2026 के बीच दिग्गज खिलाड़ी ने लिया संन्यास, अचानक आखिर क्यों लिया यह फैसला? -
रहस्यमयी तरीके से कहां गायब हुईं 'वीराना' की भूतनी Jasmine Dhunna? 38 साल से हैं लापता, अनसुलझे हैं 3 सवाल -
Iran Donation Money: खामेनेई की मौत के बाद भारत में जुटाया गया मोटा चंदा क्यों ईरान नहीं जा सकता? क्या होगा? -
Bengal Election 2026: 'मुझसे छीन ली गई सत्ता’ मालदा कांड पर ममता बनर्जी का पलटवार, EC पर लगाया बड़ा आरोप












Click it and Unblock the Notifications