झारखंड में हाथियों पर नजर रखने के लिए Mobile app लॉन्च, लोगों को क्या फायदा होगा? जानिए
झारखंड में अब इंसान और हाथियों के संघर्ष को रोकने के लिए मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। रांची में 74वें वन महोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को यह मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉन्च किया है।
यह मोबाइल ऐप हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखेगा। झारखंड सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इस ऐप की मदद से गांवों के लोग और वन विभाग के लोग हाथियों की निगरानी कर सकेंगे, ताकि समय रहते एहतियाती कदम उठाए जा सकें।

'हाथियों के साथ-साथ इंसानों को भी सुरक्षा'
इस मौके पर झारखंड के सीएम सोरेन बोले कि 'हमारी प्राथमिकता हाथियों के साथ-साथ इंसानों को भी सुरक्षा देने की है। लोगों की भागीदारी से हाथियों को संरक्षित किया जा सकता है।' उनके मुताबिक उनकी सरकार ने हाथियों की वजह से होने वाले नुकसान का मुआवजा बढ़ा दिया है।
एफएम चैनलों से भी दी जाएगी हाथियों की जानकारी
झारखंड में हाथियों और इंसानों के बीच का संघर्ष सरकार के लिए बड़ा मुद्दा रहा है। क्योंकि, इसकी वजह से इंसानों की जान तक चली जाती है और संपत्ति के साथ-साथ फसलों को भी भारी नुकसान होता है। वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि विभाग की ओर से दो एप्लिकेशन डेवलप किए गए हैं, एक जिसे आम जनता इस्तेमाल करेगी और दूसरा विभाग के अधिकारी उपयोग में लाएंगे। उन्होंने कहा कि हाथियों की गतिविधियों की जानकारी एफएम चैनलों के माध्यम से भी प्रसारित किया जाएगा।
दरअसल, हाथियों के उत्पात बढ़ने की एक वजह यह भी बताई जाती है कि उनके प्राकृतिक आवास में समस्या खड़ी हुई है। जिसकी वजह से वह जंगलों से निकलकर बाहर की ओर निकल रहे हैं और फिर उनका इंसानों के साथ टकराव हो जाता है।
इस साल 2.34 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे
इस बीच वन विभाग ने तय किया है कि मिट्टी के कटाव को कम करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को घटाने के लिए इस साल 2.34 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की राजधानी में हरियाली बढ़ाने के लिए विभाग ने अकेले रांची शहर में एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है।
जलवायु परिवर्तन पर चिंता जाहिर करते हुए सीएम ने कहा कि 'राज्य में ग्रीन कवर की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस साल 2 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे, जबकि 50,000 एकड़ जमीन पर हरित ग्राम योजना चलाई जा रही है। मुख्यमंत्री वन-धन योजना के तहत पेड़ लगाने के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।'
'कम से कम एक पेड़ लगाएं और उसकी रक्षा करें'
उन्होंने लोगों से गुजारिश की कि कम से कम एक पेड़ लगाएं और उसकी रक्षा करें। वो बोले कि 'हमारी सरकार ने एक कानून बनाया है कि शहरी इलाकों में निजी परिसरों में एक पेड़ लगाने और उसकी रक्षा करने पर पांच यूनिट बिजली मुफ्त मुहैया कराई जाएगी।' (इनपुट-पीटीआई और तस्वीरें प्रतीकात्मक)












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