Jharkhand Floor Test: हेमंत सोरेन हुए अग्निपरीक्षा में पास, गठबंधन सरकार ने साबित की बहुमत
Jharkhand Floor Test: हाल ही में एक बार फिर से झारखंड के मुख्यमंत्री बने हेमंत सोरेन ने सोमवार, 8 जुलाई को राज्य विधानसभा में विश्वास मत पेश किया। फ्लोर टेस्ट में हेमंत सोरेन की अगुआई वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा फ्लोर टेस्ट पास करने में सफल रही।
हेमंत सोरेन के जेल से रिहा होने के छह दिन बाद ही फ्लोर टेस्ट का फैसला लिया गया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने चंपई सोरेन के इस्तीफे के बाद 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

हेमंत सोरेन द्वारा पेश किए गए विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 45 वोट पड़े जबकि विपक्ष में शून्य (0) वोट डाले गए। इसके साथ ही हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली इंडी गठबंधन सरकार झारखंड विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास करने में सफल हो गई है।
76 विधायकों में से 45 झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक के साथ जुड़े हुए हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के 45 विधायकों में से झामुमो के 27, कांग्रेस के 17 और राजद के एक विधायक हैं।
हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में कम से कम 41 विधायकों का समर्थन दिखाना था। सत्तारूढ़ गठबंधन ने 3 जुलाई को जब हेमंत सोरेन ने सरकार बनाने का दावा किया था, तब राज्यपाल को 44 समर्थक विधायकों की सूची पहले ही सौंप दी थी।
गठबंधन सहयोगियों से समर्थन
हेमंत सोरेन ने जब सरकार बनाने का दावा पेश किया तो उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि उनके समर्थन वाले 44 विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंपी जाए। शपथ ग्रहण समारोह से पहले यह कदम बहुत महत्वपूर्ण था। विश्वास मत के दौरान गठबंधन की ताकत का परीक्षण किया गया जिसमें गठबंधन खरा उतरा।
जेएमएम के वफादार चंपई सोरेन ने अपने पद से इस्तीफा देकर हेमंत सोरेन के नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त किया। यह परिवर्तन झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव है और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में नई सरकार के लिए मंच तैयार करता है।












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