Jharkhand Chunav Result 2024: क्या झारखंड में BJP के लिए जयराम महतो बन गए विलेन? चौंकाने वाले नतीजे का पूरा सच
Jharkhand Chunav Results 2024 in Hindi: झारखंड विधानसभा चुनावों के जो नतीजे आए हैं, वह भाजपा के लिए ही नहीं बड़े-बड़े चुनावी पंडितों के लिए भी चौंकाने वाले हैं। लोकसभा चुनावों में बीजेपी को यहां आधी से ज्यादा विधानसभा सीटों पर बढ़त मिली थी। अधिकतर एग्जिट पोल के अनुमानों में भी बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए और जेएमएम की अगुवाई वाले इंडिया ब्लॉक में भाजपा को बढ़त या कांटे की टक्कर दिखाई गई थी। लेकिन,जो परिणाम आए,वह बहुत ही चौंकाने वाले हैं।
अगर झारखंड विधानसभा की 81 सीटों के परिणामों से जुड़े आंकड़े देखें तो यहां बीजेपी या एनडीए के प्रत्याशी जितने वोटों से सत्ताधारी गठबंधन से पीछे छूटे हैं या उनकी बढ़त के मार्जिन में सेंध लगा है, उससे कहीं ज्यादा वोट झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के उम्मीदवारों के खाते में गए हैं। यह जयराम महतो की नई-नवेली पार्टी है, जो खुद दो सीटों बेरमो और डुमरी सीट से चुनाव मैदान में थे, इनमें डुमरी में उन्हें सफलता भी मिली है।

जयराम महतो की JLKM बनी बीजेपी के लिए विलेन?
अगर बेरमो सीट के आंकड़ों को देखें तो यहां कांग्रेस के कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह 29 हजार से ज्यादा वोटों से जीते हैं। यहां दूसरे नंबर पर जयराम महतो रहे हैं और उन्हें 59,689 वोट मिले हैं, जबकि बीजेपी के रवींद्र कुमार पांडे को 57,556 वोट मिले हैं।
हालांकि, डुमरी में तो जेएलकेएम नेता को खुद ही विजयी मिली है। उन्होंने जेएमएम की बेबी देवी को 10,945 वोटों से हराया है। इसी वजह से बीजेपी की सहयोगी आजसू प्रत्याशी यशोदा देवी तीसरे नंबर पर खिसक गईं।
झारखंड की इन सीटों पर जयराम महतो ने लगाया भाजपा पर ग्रहण!
अगर झारखंड के चुनाव नतीजों देखें तो बोकारो,सिंदरी, निरसा,सिल्ली,खरसावां, ईचागढ़,रामगढ़, गिरिडीह,जुगसलाई,खिजरी,तमाड़ और कांके की सीटों पर बीजेपी या उसके सहयोगियों की हार की वजह जेएलकेएम ही रही है। वहीं चंदनकियारी,गोमिया जैसी सीटें भी हैं, जहां भाजपा,आजसू, जदयू या एलजेपी के पिछड़ने की वजह इसे ही माना जा रहा है।
इसी तरह से घाटशिला, महगामा,मांडू,सिमरिया, हजारीबाग,झरिया, सरायकेला और चतरा जैसी सीटें हैं, जहां एनडीए का इंडिया ब्लॉक से या तो कांटे की लड़ाई हुई है, या जीत का मार्जिन बहुत कम हो गया है।
कौन हैं जयराम महतो?
झारखंड की राजनीति में पिछले लोकसभा चुनावों से ही जयराम महतो 'टाइगर जयराम महतो' के नाम से लोकप्रिय हुए हैं। धनबाद जिले के रहने वाले 30 वर्षीय जयराम झारखंड भाषा अभियान चलाकर सुर्खियों में 2022 में आए थे।
इस आंदोलन से ये दो साल में ही इतने लोकप्रिय हो गए कि इस साल गिरिडीह लोकसभा सीट पर निर्दलीय लड़कर करीब साढ़े 3 लाख वोट पाए लिए।
कुर्मी वोट बैंक बिखरने से झारखंड में बीजेपी-एनडीए की हार!
इस चुनाव में उनकी पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने 69 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। जयराम उसी कुर्मी जाति से आते हैं, जिससे आजसू के प्रमुख सुदेश महतो आते हैं। राज्य में अनुमानित तौर पर कुर्मियों की जनसंख्या 15% बताई जाती है। इसी वोट बैंक को ध्यान में रखकर बीजेपी ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार की जेडीयू को भी झारखंड में चुनाव लड़ने के लिए दो सीटें दी थी।
झारखंड विधानसभा चुनाव के रुझानों और परिणामों को देखने से साफ लगता है कि जयराम महतो की वजह से कुर्मी वोट बैंक में बिखराव हो गया है और इसका बहुत बड़ा खामियाजा बीजेपी और आजसू समेत एनडीए के तमाम दलों को भुगतना पड़ा है।












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