'आदिवासियों को गांधी परिवार ने नजरअंदाज किया', बाबूलाल मरांडी बोले- 'राहुल जी आप आज के दौर की किताबें पढ़ें'
Jharkhand Election 2024: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने झारखंड के रांची में 'संविधान सम्मान सम्मेलन' में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आदिवासी विरोधी बताया। 19 अक्टूबर को रांची में राहुल गांधी ने कहा, 'भाजपा के लोग आदिवासी को वनवासी कहते हैं।' राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह हिंदुस्तान की शिक्षा व्यवस्था में पढ़े हैं, जिसमें आदिवासियों के बारे में केवल 10-15 लाइनें ही लिखी हैं। इनका इतिहास क्या है, जीने का तरीका क्या है। उस बारे में कुछ नहीं लिखा।
राहुल गांधी के इन बयानों पर अब भाजपा नेता और झारखंड प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने उनको घेरा है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कांग्रेस के वक्त में आदिवासी समाज का इतिहास और उनकी संस्कृति को नजरअंदाज किया गया था। राहुल गांधी ने अपने वक्त के किताबों में देखा होगा कि आदिवासी के बारे में कुछ नहीं लिखा है। लेकिन हमारी सरकार में ऐसा नहीं है।

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बाबूलाल मरांडी का तंज- 'राहुल गांधी जी ने सही कहा आदिवासी समाज को गांधी परिवार ने....'
बाबूलाल मरांडी ने कहा, '' राहुल गांधी जी ने सही कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास और उनकी संस्कृति को कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार ने दशकों तक नजरअंदाज किया। आदिवासियों के संघर्ष, उनकी राजनीति और उनकी सामाजिक स्थिति को कभी प्रमुखता से स्थान नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने अपने स्कूल में देखा कि देश में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और किताबों में आदिवासियों पर एक पूरा अध्याय भी नहीं था-बस कुछ आधे-अधूरे उल्लेख जो उनके संघर्षों और इतिहास को सही ढंग से सामने नहीं रख सके। यह कांग्रेस के शासन में हुआ अन्याय था, जहां आदिवासी समाज की महान गाथाओं को हाशिए पर रखा गया है।''
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बाबूलाल मरांडी बोले- राहुल गांधी जी आप आज के दौर की किताब पढ़िए
बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा, ''लेकिन अब वक्त बदल चुका है। मैं राहुल गांधी से आग्रह करता हूं कि वे आज के दौर की किताबें देखें, जब देश एक ऐसे नेता के नेतृत्व में है जो हर समुदाय और समाज को समान रूप से सम्मान देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने यह सुनिश्चित किया है कि आदिवासियों को उनका हक मिले और वे देश की विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा बनें। द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति पद पर आसीन करके आदिवासी समाज को उनकी वास्तविक पहचान और गौरव दिलाया गया है। इसके साथ ही, आदिवासी बच्चों के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल खोले जा रहे हैं, जहां वे अपनी संस्कृति, सभ्यता और इतिहास का गहन अध्ययन करेंगे।''
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'कांग्रेस के शासन काल में भगवान बिरसा मुंडा जैसे महान आदिवासी नेताओं को नजरअंदाज किया गया'
बाबूलाल मरांडी ने कहा, ''सबसे दुखद बात यह है कि कांग्रेस शासन के दौरान भगवान बिरसा मुंडा जैसे महान आदिवासी नेता को भी नजरअंदाज किया गया। भगवान बिरसा मुंडा, जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर आदिवासी समाज और भारत की आजादी के लिए संघर्ष किया, उनकी कोई समुचित स्मृति या सम्मान कभी कांग्रेस शासन में नहीं हुआ। आजादी के बाद के दशकों में, कोई भी कांग्रेस नेता या प्रधानमंत्री उनके गांव तक नहीं गया, उनके बलिदान को याद नहीं किया गया। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस अन्याय को समाप्त किया। वे पहले प्रधानमंत्री बने जिन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के गांव का दौरा किया और उनका उचित सम्मान किया। इसके साथ ही, वर्ष 2025 को भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और उनके स्वतंत्रता संग्राम के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे उनका बलिदान और संघर्ष देश के हर नागरिक तक पहुंच सके।''
बाबूलाल मरांडी ने पोस्ट के आखिर में कहा, ''पीएम नरेंद्र मोदी जी ने यह साबित किया है कि हम उस इतिहास को कभी नहीं दोहराएंगे जिसे कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार ने रचा था। अब आदिवासी समाज इस देश की प्रगति का अभिन्न हिस्सा है और उनके गौरवशाली इतिहास को हमेशा के लिए सुरक्षित और सम्मानित किया जा रहा है।''












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