Jharkhand में एटीएस का बड़ा एक्शन, चार संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद
Jharkhand: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की मौत के बाद पूरे देश में उबाल है। इसके साथ ही देश भर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और अलग-अलग हिस्से में संदिग्धों पर नजर रख रही है। इसी बीच झारखंड एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों में एक महिला भी शामिल है इनको हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है और उनकी गतिविधियों की जांच कर रही है।

Jharkhand ATS ने देश विरोधी गतिविधियों का लगाया आरोप
झारखंड पुलिस के अनुसार, ये सभी प्रतिबंधित संगठनों हिज्ब-उत-तहरीर (HUT), अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) और इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े हैं इन आरोपियों पर अवैध हथियारों के व्यापार और देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का गंभीर आरोप है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान गुल्फाम हसन, अयान जावेद, शहज़ाद आलम और शबनम परवीन के रूप में हुई है। झारखंड पुलिस ने बताया कि इन लोगों के कब्जे से दो पिस्तौल, 12 कारतूस, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित आपत्तिजनक साहित्य बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) को वर्ष 2024 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत प्रतिबंधित किया गया था। इस प्रतिबंध के बाद से यह देश में दर्ज किया गया पहला मामला है जिसमें संगठन से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है।
Jharkhand: हर एंगल से पुलिस कर जांच
झारखंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके नेटवर्क व अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग अवैध हथियारों की तस्करी के जरिए देश विरोधी ताकतों को सहयोग पहुंचा रहे थे और भारत विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को उकसा रहे थे।
झारखंड एटीएस की इस कार्रवाई को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जो राज्य और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच के आधार पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।












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