'जब तक BJP का एक भी विधायक रहेगा, हम मुसलमानों को आरक्षण नहीं देंगे', झारखंड के धनबाद में गरजे अमित शाह
Jharkhand Assembly Election 2024: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड के धनबाद में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर आरक्षण नीतियों और घुसपैठ के मुद्दों पर जमकर हमला बोला। शाह ने कांग्रेस पार्टी को आरक्षण-विरोधी करार देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी मुसलमानों को आरक्षण नहीं देगी। जब तक भाजपा का कोई विधायक बना रहेगा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह पिछड़े वर्गों और दलितों के आरक्षण को कमजोर कर रही है और उन्हें मुसलमानों को आरक्षण देने का प्रयास करने वाली पार्टी के रूप में पेश किया।
भ्रष्टाचार और घुसपैठ पर निशाना
अमित शाह ने रैली के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। जिसमें झामुमो के एक मंत्री और कांग्रेस के एक सांसद के पास बड़ी मात्रा में जब्त धन का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह धन राज्य के लोगों से लूटा गया है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। शाह ने वादा किया कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है तो इस तरह के भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त किया जाएगा।

उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भाजपा सरकार राज्य से हर एक घुसपैठिए को बाहर करेगी। शाह ने आरोप लगाया कि घुसपैठिए झारखंड के आदिवासी समुदायों से विवाह करके उनकी भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। जिससे राज्य के संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है।
भविष्य को लेकर भाजपा के वादे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड के मतदाताओं से वादे किए कि भाजपा सत्ता में आने पर महिलाओं के बैंक खातों में सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाएगी। गैस की कीमतों पर राहत प्रदान करेगी और किसानों, युवाओं, विकलांग व्यक्तियों और विधवाओं को विशेष सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने अपने संकल्प पत्र को एक कल्याणकारी शासन मॉडल के रूप में पेश किया। जिसमें भाजपा का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों का उत्थान करना है।
झारखंड में समर्थन को मजबूत करने की कोशिश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह भाषण झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले दिया गया। जिसमें भाजपा, कांग्रेस और झामुमो तीनों ही पार्टियां पूरी ताकत से चुनाव मैदान में हैं। धनबाद में आयोजित इस रैली का उद्देश्य न केवल कांग्रेस और झामुमो पर हमला करना था। बल्कि झारखंड में भाजपा के समर्थन को मजबूत करना और मतदाताओं के बीच भाजपा को पिछड़े वर्गों और दलितों के अधिकारों के रक्षक के रूप में प्रस्तुत करना था।
अमित शाह की इस रैली से झारखंड के चुनावी माहौल में उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार हो गया है। जिसमें भाजपा ने खुद को भ्रष्टाचार और घुसपैठ के खिलाफ लड़ने वाली पार्टी के रूप में पेश करने की कोशिश की है।












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