Cyclone Yaas: चक्रवाती तूफान से पहले झारखंड के कई इलाकों को कराया गया खाली
रांची। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में निचले इलाकों और अस्थायी घरों में रहने वाले हजारों लोगों को पड़ोसी ओडिशा और पश्चिम बंगाल में चक्रवात यास के आने से पहले सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। झारखंड में ये जिले उन जगहों में शामिल हैं जहां चक्रवात को देखते हुए सबसे ज्यादा रेड अलर्ट जारी किया गया है। रांची, खूंटी और गुमला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवात के प्रभाव के कारण जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है।
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पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सूरज कुमार ने कहा कि उन्होंने मंगलवार शाम से लोगों को निकालना शुरू किया। "अब तक, हमने निचले इलाकों और कमजोर इलाकों से 2,500 से अधिक लोगों और फूस के घरों में रहने वाले लोगों को निकाला है।" उन्होंने कहा कि उन्होंने 241 आश्रय गृह स्थापित किए हैं। कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की दो टीमों को भी तैनात किया गया है।
अतिरिक्त कलेक्टर (पश्चिम सिंहभूम) एजाज अनवर ने कहा कि उन्होंने 1,000 से अधिक लोगों को निकाला है और लगभग 200 निकासी केंद्र स्थापित किए हैं जहां भोजन और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। चक्रवात के मद्देनजर रांची रेलवे स्टेशन से निकलने या गुजरने वाली कम से कम 13 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अस्पतालों के लिए बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था और ऑक्सीजन बैक अप सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है ताकि चक्रवात के कारण कोविड रोगियों को नुकसान न हो।
यास चक्रवात ने रेलवे को कई ट्रेनें कैंसिल करने के लिए तो मजबूर किया ही है, तेज तूफानी हवाओं के चलते ट्रेन पटरियों पर खिसकर कोई बड़ी दुर्घटना की वजह न बन जाएं इसके लिए भी सतर्क होना पड़ा है। यही वजह है कि 'यास' प्रभावित इलाकों में भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के पहियों को जंजीरों से बांध दिया है। इस बीच यास चक्रवात का ओडिशा में लैंडफॉल हो चुका है और ट्रेन सेवाओं पर इसका असर आने वाले कई दिनों तक नजर आने वाला है। पिछले कई दिनों से रेलवे ट्रेनें रद्द किए जा रहा है और इसकी लिस्ट लगातार बढ़ती जा रही है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक कुछ ट्रेनें 30 मई तक के लिए यास के चलते कैंसिल हो चुकी हैं।












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