Jaunpur: पिता के रेस्टोरेंट में थी वेटर की कमी, पॉलिटेक्निक के स्टूडेंट 'आकाश' ने बना डाला 'ह्यूमनॉइड रोबोट'
Humanoid Robot In Jaunpur : जौनपुर के आकाश ने अपने पिता की मदद के लिए एक अनोखा रोबोट बना डाला जो वेटर के तौर पर उनके रेस्टोरेंट में लोगो तक उनके ऑर्डर का सामान पहुँचाता है।

वर्तमान में भारत की तरक्की और राकेट की तरह आगे बढ़ रही देश की अर्थव्यवस्था का लोहा दुनिया भर में माना जा रहा है। लेकिन इसके पीछे आखिर ऐसी क्या वजह है जो लगभग 800 साल मुगलों और 300 साल अंग्रेजों द्वारा की गई बर्बादी और लूटपाट के बावजूद मात्र 75 सालों में भारत आज दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। असल में इसकी वजह है यहाँ का युवा, भारत के युवाओं ने आईटी सेक्टर हो या मेडिकल लाइन हो। यहाँ के इंजीनियर हो या फिर वैज्ञानिक हो, सभी ने पूरी दुनिया में अपने टैलेंट का झंडा गाड़ दिया है।
आज हम आपको यूपी के जौनपुर में रहने वाले ऐसे ही एक पॉलिटेक्निक स्टूडेंट के बारे में बताएंगे जिन्होंने अपने पिता की मदद के लिए एक अनोखा रोबोट बना डाला जो वेटर के तौर पर उनके रेस्टोरेंट में लोगो तक उनके ऑर्डर का सामान पहुँचाता है।

पिता के रेस्टोरेंट में वेटर के तौर पर Humanoid Robot
दरअसल, यूपी के जौनपुर में आकाश पॉलिटेक्निक कर रहे है और कम्प्यूटर साइंस से फाइनल ईयर के स्टूडेंट है। जौनपुर के जमैथा में आकाश के पिता एक रेस्टोरेंट चलाते है। वहीं पिछले कुछ समय से उनके पिता को रेस्टोरेंट में वेटर के तौर पर आदमियों की संख्या कम होने के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। जिसके चलते आकाश के मन मे एक आईडिया आया कि क्यो न एक रोबोट बनाया जाए जो वेटर का काम करें। उन्होंने बताया कि उन्हें हॉलीवुड की मूवी देख कर रोबोट बनाने का आईडिया मिला था। जिसके बाद आकाश ने अपने इस सपने को साकार करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया।

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मात्र 25 हजार रुपए की लागत में बना डाला रोबोट
आपको बता दें कि आकाश को उनकी कड़ी मेहनत का फल मिला और मात्र 25 हजार रुपए की लागत में एक रोबोट बना डाला जो वेटर के तौर पर लोगो तक उनके ऑर्डर का सामान पहुँचाता है। एक रेस्टोरेंट संचालक के बेटे ने वो काम कर डाला, जिससे हर तरफ उसकी तारीफ हो रही है। अब तक आपने विदेशों में ऐसे रोबोट के बारे में सुना होगा लेकिन अब जौनपुर के रेस्टोरेंट में भी रोबोट वेटर की तरह काम करता नजर आ रहा है। इतना ही नहीं बल्कि कुछ दिन पहले जिले में हुए साइंस एग्जीवेशन में आकाश के रोबोट को प्रथम स्थान भी मिला और साथ ही डीएम ने आकाश को सम्मानित किया।
ऐसे टैलेंट को मिलना चाहिए मौका
वहीं आकाश का सपना है कि वे इससे भी बेहतर रोबोट बनाएं। फिलहाल आकाश के जुगाड़ से बनाए गए इस रोबोट ने भी साबित कर दिया है कि आकाश के अंदर वो प्रतिभा है, जो एक दिन भारत की तरक्की में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही अपने ज़िले का नाम विश्व स्तर पर रोशन कर सकते हैं।












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