My Covid Story: 'इन लक्षणों में बरतें सावधानी तो नहीं जाना पड़ेगा अस्पताल'
जौनपुर, 08 जून (डॉ. मनोज मिश्र अध्यक्ष, जनसंचार विभाग, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विवि)। बात अप्रैल महीने की है, जब मेरा पूरा परिवार कोरोना जैसे अदृश्य लेकिन बेहद शक्तिशाली वायरस से जूझ रहा था। वो 15 दिन, मेरे और मेरे पूरे परिवार के लिए बहुत कष्टकारी रहे। आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं कि एक साथ परिवार के चार सदस्य यदि कोरोना की चपेट में हों तो व्यक्ति की मनोदशा क्या होगी?, मेरी मां,बड़े भाई साहब, भाभी जी और श्रीमती जी सभी एक साथ एक- एक दिन के अंतराल पर कोरोना पॉजिटिव हो गए। बचा था तो मैं और मेरा बेटा । मेरे सामने सबके इलाज की चुनौती के साथ यह डर भी था कि मैं और बेटा भी साथ में कहीं संक्रमित न हों जाएं। राहत की बात यह रही कि विघ्न विनाशक प्रभु श्री गणेश जी की कृपा,त्वरित उपचार, सक्रिय देखभाल और आप सबकी शुभकामनाओं के चलते घर मे सभी लोग होम आइसोलेशन में ही अब ठीक हो गए हैं। अस्पताल जाने की नौबत नही आई।

90 वर्षीय मां ने जीती जंग
मेरी 90 वर्षीय मां ने कोरोना को घर पर रह कर ही कोरोना पर विजय प्राप्त की, जबकि वह अल्जाइमर की मरीज भी हैं। आसपास से केवल नकारात्मक खबरें ही आ रही थीं लेकिन मेरे पारिवारिक चिकित्सक की सलाह पर सरकार द्वारा निर्देशित अन्य आवश्यक सभी औषधियों के साथ एस्टरॉयड (मिथाइल पेडनिसिलोंन), फैबिफ्लू, डोकसोफैलींन(सांस फूलने की दवा),कफसीरप और आयुर्वेदिक औषधि में कालीमिर्च,मुलेठी, सोंठ और पीपर चूर्ण के मिश्रण ने बड़ी राहत दी और ये सभी दवाएं प्राण रक्षक बन कर उभरी।

सभी ने पहले ही दिन से उपचार प्रारंभ कर दिया
बड़े भाई साहब,भाभी जी और श्रीमती जी सभी साथ ही में बीमार हुए लेकिन लक्षण आते ही सभी का पहले दिन से ही उपचार ने ही राहत पहुंचाई। जिसमें मां और श्रीमती जी और भाई साहब को दिक्कतें ज्यादा थी। मसलन हाई फीवर,दर्द और खांसी। फौरी तौर पर सभी के साथ मिथाइल पेडनिसिलोंन(स्टेरॉयड),डोक्सोफेलिन और फैबिफ्लू जैसी दवाइयों को जोड़ा गया। ऑक्सीजन लेबल बरकरार रहे इसलिए कपूर, अजवायन और लौंग की पोटली के साथ पेट के बल लेट कर,फिर करवट लेट कर सभी ने लम्बी सांस खींचने का अभ्यास शुरू किया जिसके सार्थक परिणाम आये और ऑक्सीजन लेबल सेफ जोन में बना रहा।
त्वरित इलाज से आप कोरोना को हरा सकते हैं
यह सब बताने का अर्थ मात्र इतना है कि लक्षण आधारित त्वरित इलाज से आप कोरोना को हरा सकते हैं। इसमें थोड़ी सी अनदेखी या लापरवाही से ही अस्पताल में जाने की नौबत आ सकती है।
यहां देखें: डॉ. मनोज मिश्र की फेसबुक पोस्ट

किसी असामान्य लक्षण की अनदेखी न करें
- स्टेरॉयड(मिथाइल पेडनिसिलोंन या डेक्समैथाजोन) जरूरत होने पर दें और सही समय पर चिकित्सक की ही सलाह पर दें जिससे मरीज को सही डोज उसके वजन के हिसाब से दिया जा सके।
- जिन को कोई बीमारी है,डायबिटीज, हृदयरोग,किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं वे बिना चिकित्सक की सलाह लिए अपने मन से स्टेरॉयड न लें।
- फैबिफ्लू दवा माइल्ड और सीवियर मामलों में बहुत प्रभावी है इसका भी सेवन चिकित्सक की राय से सही समय पर ही शुरू कर देना चाहिए।
- पीपर,काली मिर्च,मुलहठी और सोंठ बराबर मात्रा में चूर्ण बना कर 1 चम्मच हर आठ घंटे पर मधु के साथ सेवन से गले,सीने के संक्रमण और खांसी में बहुत लाभ पहुचता हैं। यह सिद्ध योग है।
- अजवायन-कपूर मिश्रित भाप से बहुत लाभ है।
- अजवायन,कपूर और लौंग मिश्रित पोटली दिन में सूंघते रहने से ऑक्सीजन लेबल बरकरार रखने में मदद मिलती है इसे भी मैंने आजमाया है।
- बुखार की दवा तब ही लें जब बुखार हो।
- भारत सरकार स्वास्थ मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा कोरोना की निर्देशित सभी दवाओं को निर्देशानुसार लेते रहें।

मनोबल सबसे बड़ा इलाज है...
- यदि आप लक्षणों पर नजर रखें हैं और त्वरित उपचार शुरू कर दिए, विश्वास मानिए आप 10-12 दिन में बिल्कुल ठीक हो जाएंगे और आपको अस्पताल में एडमिट होने की जरूरत ही नहीं आएगी।
- यह कभी न सोचें कि आपका इम्यून सिस्टम बहुत मजबूत है,आपको कभी कोरोना नहीं होगा।
- दो गज दूरी-मास्क है जरूरी को अपने जीवन का हिस्सा बना लें।
- नकारात्मक विचारों और समाचारों से बचें।
- अभी खतरा टला नहीं है इसलिए सभी सावधान रहें।
- अपने चिकित्सक के संपर्क में रहें ।
- कोरोना का समय पर इलाज की शुरुआत करके और सतर्क रह कर ही हम उसे परास्त कर सकते हैं इसलिए सावधानी अपेक्षित है।












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