आर्टिकल 370 हटने की चौथी वर्षगांठ पर PDP का मेगा प्लान, 'समान-विचारधारा' वालों से की ये मांग

जम्मू-कश्मीर की पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (पीडीपी) ने आर्टिकल 370 हटाए जाने की चौथी वर्षगांठ पर 5 अगस्त को एक सार्वजनिक रैली करने का ऐलान किया है। महबूबा मुफ्ती की पार्टी ने सभी 'समान-विचारधारा' वाले दलों को इस रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।

गौरतलब है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के दूसरे कार्यकाल में 5 अगस्त, 2019 को ही जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35ए जैसे विशेष प्रावधानों को हटाने ऐतिहासिक का फैसला लिया गया था। अभी इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है।

article 370 pdp rally on 4th anniversary

5 अगस्त को श्रीनगर में सार्वजनिक रैली करेगी पीडीपी
श्रीनगर में पीडीपी मुख्यालय में पार्टी नेता मोहम्मद इकबाल ट्रम्बू ने कहा कि बीजेपी ने आर्टिकल 370 हटाने का जश्न मनाने के लिए एक मैराथन आयोजित करने की घोषणा की है। इसे जिला प्रशासन से इजाजत भी मिल गई है। उन्होंने कहा, 'शनिवार 5 अगस्त, 2023 को पीडीपी श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में आर्टिकल 370 और 35ए हटाने की चौथी वर्षगांठ के मौके पर एक सार्वजनिक रैली आयोजित करने की योजना बना रही है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए जम्मू और कश्मीर की समान-विचारधारा वाली पार्टियों को आमंत्रित किया गया है। '

अगर इजाजत नहीं मिली तो सुप्रीम कोर्ट से होगी शिकायत-पीडीपी
उन्होंने कहा कि 'हम भी अपनी बात रखना चाहते हैं, हमें उम्मीद है कि शांतिपूर्ण कार्यक्रम के लिए हमें इजाजत दी जाएगी।' पीडीपी नेता ने कहा है कि पार्टी ने इस कार्यक्रम के लिए श्रीनगर के जिला मैजिस्ट्रेट से अनुमति मांगी है। उन्होंने यह भी कहा है कि 'अगर इजाजत नहीं दी जाती है तो इस मामले को कानूनविद आर्टिकल 370 पर हो रही सुनवाई के दौरान उठाएंगे।'

हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा-पीडीपी
महबूबा की पार्टी के नेता ने कहा है कि पीडीपी संवैधानिक दायरे में रहते हुए आर्टिकल 370 और 35ए की बहाली के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। वे बोले, 'हमें खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने नियमित सुनवाई शुरू कर दी है और हमें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।'

आर्टिकल 370 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हो रही है सुनवाई
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं। बुधवार से चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इन याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की है। जब मोदी सरकार ने इसे हटाने का फैसला किया था, तब कुछ विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ खूब हंगामा काटा था, लेकिन सरकार को दोनों सदनों से इसे बारी बहुमत से पास कराने में कोई दिक्कत नहीं हुई थी।

मोदी सरकार के इस फैसले से न केवल जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष संवैधानिक दर्जा छीन चुका है, बल्कि राज्य को जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित भी कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के लिए विधानसभा का प्रावधान तो रखा गया है, लेकिन वहां अभी तक चुनाव नहीं करवाए जा सके हैं। (इनपुट-पीटीआई)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+