हिजाब विवाद में हाईकोर्ट के फैसले पर उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने जताई नाराजगी, कहा- फैसले से बेहद निराश
नई दिल्ली। कर्नाटक हिजाब विवाद मामले पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कर्नाटक हाईकोर्ट का कहना है कि हिजाब पहनना इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा स्कूल यूनिफॉर्म एक नियम है, जिस पर छात्र आपत्ति नहीं कर सकते हैं। वहीं इस मुद्दे पर अब देश की राजनीति गरमा गई है।

इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीएफ प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया है। महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर लिखा कि हिजाब प्रतिबंध को बरकरार रखने का कर्नाटक एचसी का फैसला बेहद निराशाजनक है। एक तरफ हम महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हैं फिर भी हम उन्हें एक साधारण विकल्प के अधिकार से वंचित कर रहे हैं। यह सिर्फ धर्म के बारे में नहीं है बल्कि चुनने की स्वतंत्रता है।
वहीं जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस पार्टी के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर लिखा कि कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले से बेहद निराश हूं। चाहे आप हिजाब के बारे में क्या सोच सकते हैं, यह कपड़ों की एक वस्तु के बारे में नहीं है, यह एक महिला के अधिकार के बारे में है कि वह कैसे कपड़े पहनना चाहती है। अदालत ने इस मूल अधिकार को बरकरार नहीं रखा, यह एक उपहास है।
बता दें कि कर्नाटक में हिजाब पर प्रतिबंध लगने के बाद 5 छात्रों ने कोर्ट में प्रतिबंध को चुनौती दी थी। कर्नाटक हाईकोर्ट में उडुपी की छात्रों ने याचिका दायर की था, जिसमें उन्होंने स्कूलों-कॉलेजों में हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी। छात्रों का कहना था कि ये उनकी घर्म और आस्था से जुड़ा मामला है।
कर्नाटक हाईकोर्ट के हिजाब फैसले पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने खुशी जताई। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, '' मैं हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं। मेरी सभी से अपील है कि राज्य और देश को आगे बढ़ाएं। सभी को हाईकोर्ट के आदेश को मानकर शांति बनाए रखनी है। छात्रों का मूल कार्य अध्ययन करना है। सब लोग एक होकर पढ़ाई करें।''












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