जम्मू कश्मीर के रामबन में कई घरों की धंसी दीवार, लोग हुए बेघर, सड़कें टूटी
जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में कई घरों में दरारें आ गई हैं। दर्जनों घर भूस्खलन की वजह से गिर गए हैं और लोग बेघर हो गए हैं। शुक्रवार को जमीन धसकनी शुरू हुई थी, जिसकी वजह से स्थानीय कब्रस्तान भी इसकी चपेट में आ गया था।

जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में जमीन धंसने की खबर से लोगों में डर पैदा हो गया है। दर्जनों घरों में जिस तरह से जमीन धंसी है और दरार पड़ी उसके बाद कई र क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मकान क्षतिग्रस्त होने की वजह से इन लोगों को बेघर होना पड़ा है। रामबन में कई जगह पर सड़क पर भी दरार देखने को मिली है, जिसकी वजह से लोग सहम गए हैं। स्थानीय नागरिक अब्दुल गनी ने बताया कि मेरे साथ 13 लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, इसमे से 6 घर पूरी तरह से ढह गए हैं। हमे टेंट और कुछ बर्तन दिए गए हैं। हम सरकार से अपील करते हैं कि हमे कहीं और बसाया जाए। हम अब बेघर हैं।
जानकारी के अनुसार गांदेरबल जिले के सोनबर्ग में कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। गगनगीर के रेजिन इलाके में भूस्खलन की वजह से यह दरारे देंखने को मिली हैं। एसडीएम जावीद अहमद ने बताया कि भूस्खलन से स्थानीय बिल्डिंग को काफी नुकसान पहुंचा है, कई दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। अच्छी बात यह है कि इसकी वजह से कोई घायल नहीं हुआ है। लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया है। रातभर यहां पर ऑपरेशन चला है, फिलहाल हम यहां पर मलबे को हटाने का काम कर रहे हैं। लोगों को हर संभव सुविधा मुहैया कराई जा रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि गांव के पास के गुजरने वाली मुख्य सड़क को बंद कर दिया गया है और गाड़ियों के आवागमन को रोक दिया गया है। रामबन जिला मुख्यालय से तकरीबन 45 किलोमीटर दूर गूल उप-मंडल में 19 घर, एक मस्जिद और लड़कियों का एक स्कूल क्षतिग्रस्त हुआ है। भूमि धंसने की वजह से घरों में दरार आई हैं। शुक्रवार को जमीन धसकनी शुरू हुई थी, जिसकी वजह से स्थानीय कब्रस्तान भी इसकी चपेट में आ गया था। यहां पर कई शवों को खोदकर निकाला गया और फिर इन्हें दूसरी जगह पर दफनाया गया। हम हालात पर नजर बनाए हैं और स्थानीय लोगों की हर संभव मदद कर रहे हैं।
जल्द ही प्रभावित इलाकों को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के एक्सपर्ट दौरा करेंगे और जमीन के धंसने की वजह का पता लगाएंगे। इस भूस्खलन से जो परिवार प्रभावित हुए हैं उनका निर्धारित मापदंडों के अनुसार आपदा प्रबंधन कोष से मुआवजा मुहैया कराया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि गूल और गंलदान को जोड़ने वाली सड़क को बंद कर दिया गया है। सीमा सड़क संगठन से अनुरोध किया गया है कि वैकल्पिक सड़क मार्ग को बनाए। स्थानीय सरपंच रकीब वानी ने बताया कि लोग काफी दहशत में हैं, हमने पहले ऐसा कभी नहीं देखा। हम प्रशासन के आभारी हैं उन्होंने तत्काल मदद मुहैया कराई।












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