Jammu Drug Mafia: जम्मू में ड्रग्स माफिया पर प्रशासन का कहर! तीन Kingpins की ₹6 करोड़ की संपत्तियां ध्वस्त
Jammu Police Action on Drug Mafia : जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जम्मू जिले में कथित तौर पर ड्रग्स कारोबार से जुड़े तीन लोगों की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।
पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई को क्षेत्र में ड्रग्स माफिया के खिलाफ अब तक की अहम कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि ऐसे कदमों से न केवल अपराधियों के आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया जाएगा बल्कि समाज में गलत गतिविधियों के खिलाफ सख्त संदेश भी जाएगा।

किन संपत्तियों पर हुई कार्रवाई?
अधिकारियों के अनुसार जम्मू के बाहरी क्षेत्र बिश्नाह के चक वज़ीरू इलाके में स्थित तीन मकानों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिराया गया। ये मकान गुलजार अहमद, फरमान अली और फरीदा बीबी से जुड़े बताए जा रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए गए थे।
प्रशासन का कहना है कि जिन संपत्तियों पर कार्रवाई हुई, वे कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों और ड्रग्स कारोबार से जुड़े मामलों की जांच के दायरे में थीं।
6 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई संपत्ति
अधिकारियों के मुताबिक ध्वस्त की गई संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य 6 करोड़ रुपये से अधिक है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अवैध गतिविधियों के जरिए अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई करने से अपराधियों के आर्थिक संसाधनों को कमजोर किया जा सकता है।
हाल के वर्षों में देश के कई राज्यों में ड्रग्स तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में अवैध संपत्तियों को जब्त करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई देखने को मिली है। जम्मू में हुई यह कार्रवाई भी उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
आरोपियों पर दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे विभिन्न आपराधिक मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि गुलजार अहमद के खिलाफ कई गंभीर मामलों में कुल 28 एफआईआर दर्ज हैं। वहीं फरमान अली के खिलाफ 8 मामले दर्ज बताए गए हैं। फरीदा बीबी पर भी नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में आरोप दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस का कहना है कि इन मामलों में ड्रग्स तस्करी के अलावा अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े आरोप भी शामिल हैं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब जम्मू पुलिस ने इस तरह का कदम उठाया हो। इससे पहले भी कथित तौर पर अपराध और आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों की संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
अधिकारियों ने बताया कि इसी वर्ष की शुरुआत में एक अन्य आरोपी के मकान को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्त किया गया था। प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर ऐसे सभी मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी।
ड्रग्स के खिलाफ क्यों सख्ती बढ़ी?
पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में नशे के बढ़ते नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार चिंता जताती रही हैं। युवाओं में नशे की लत और सीमावर्ती क्षेत्रों के जरिए होने वाली कथित तस्करी को रोकना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि ड्रग्स कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को तोड़ना भी बेहद जरूरी होता है। इसी वजह से संपत्तियों की पहचान, जब्ती और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाइयों को प्रभावी माना जाता है।
पुलिस का क्या कहना है?
जम्मू पुलिस का कहना है कि ड्रग्स तस्करी, हिंसक अपराधों और संगठित अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस के अनुसार ऐसे नेटवर्क समाज में असुरक्षा और अपराध का माहौल पैदा करते हैं, इसलिए इनके खिलाफ सख्त कदम उठाना आवश्यक है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य कानून का भय स्थापित करना और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है।
जम्मू में तीन कथित ड्रग्स तस्करों से जुड़ी 6 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों को ध्वस्त किया जाना प्रशासन के एंटी-ड्रग अभियान का बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि अपराधियों के आर्थिक ढांचे पर चोट पहुंचाकर ड्रग्स नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है। आने वाले समय में भी ऐसी कार्रवाइयों के जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।
(PTI इनपुट)













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