Jammu-Kashmir को नए साल पर दहलाने की साजिश! PoK में लॉन्चिंग पैड एक्टिव, 150 आतंकी घुसपैठ की फिराक में
Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में नए साल की शुरुआत के साथ ही आतंकवादी गतिविधियां बढ़ने की आशंका है। जानकारी के मुताबिक, पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में करीब डेढ़ दर्जन लॉन्चिंग पैड सक्रिय हैं, जिन पर 150 से ज्यादा आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास सुरक्षा और चौकसी को और मजबूत कर दिया है।
पीर पंजाल के पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी के बावजूद भारतीय सेना के जवान चार से पांच फीट गहरी बर्फ में गश्त कर रहे हैं। उनका मकसद आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम करना है। सीमाओं की सुरक्षा के लिए जवान हर समय तैयार हैं, चाहे मौसम कितना ही चुनौतीपूर्ण क्यों न हो।

अत्याधुनिक तकनीक से घुसपैठ पर नजर
घुसपैठ रोकने के लिए सेना अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है। इसमें शामिल हैं...
- थर्मल इमेजिंग डिवाइस: अंधेरे और धुंध में दुश्मनों की पहचान करने में मददगार।
- नाइट विजन कैमरे: रात के समय भी हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए।
- यूएवी ड्रोन: दुश्मनों की लोकेशन का सटीक पता लगाने और ऑपरेशन में सहयोग करने के लिए।
ड्रोन का इस्तेमाल खासतौर पर फॉरवर्ड इलाकों में ऑपरेशन के दौरान किया जा रहा है। ड्रोन यह सुनिश्चित करते हैं कि इलाके में कोई खतरा न हो, उसके बाद ही जवान आगे बढ़ते हैं।
पाकिस्तान की नई साजिश
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में आंतरिक हालात खराब होने के चलते आईएसआई और आतंकी संगठनों ने एक बैठक की। इसमें भारतीय क्षेत्र में अधिक से अधिक घुसपैठ कराने की रणनीति बनाई गई। इसे देखते हुए भारतीय सेना ने एलओसी पर चौकसी और बढ़ा दी है।
2024 में आतंकियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन
- पिछले साल भारतीय सेना ने कई बड़े आतंकवाद विरोधी अभियानों को अंजाम दिया।
- 2024 में लगभग 60 आतंकियों को ढेर किया गया, जिनमें से दो दर्जन पाकिस्तानी आतंकी थे।
- इन ऑपरेशनों के दौरान भारतीय जवानों को भी क्षति उठानी पड़ी।
आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सेना ने न केवल अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली अपनाई है, बल्कि अपने ऑपरेशनों को भी हाईटेक बनाया है।
भारतीय सेना की रणनीति
सेना की रणनीति है कि हर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया जाए। इसके लिए ड्रोन और अन्य निगरानी उपकरणों की मदद से दुश्मनों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही जवानों को आधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस किया गया है, ताकि किसी भी परिस्थिति में जवाबी कार्रवाई की जा सके।
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशों को भारतीय सेना पूरी मुस्तैदी से नाकाम कर रही है। चाहे मौसम की चुनौती हो या दुश्मन की नई साजिश, भारतीय सेना हर मोर्चे पर तैयार है। इस बार की सर्दियों में भी जवान अपनी वीरता और तकनीकी कौशल के साथ देश की सीमाओं को सुरक्षित रख रहे हैं।
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