Jammu Kashmir Chunav: NC, PDP, कांग्रेस और BJP में कहां कौन दिखा रहा दम?
Jammu Kashmir Chunav: जम्मू और कश्मीर में इस बार प्रमुख राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के अलावा कई छोटी-छोटी पार्टियां और दमदार निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। खासकर कश्मीर घाटी में ज्यादातर सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। लेकिन, फिर कुछ बातें बहुत ही स्पष्ट हैं। जैसे कि कश्मीर घाटी में मुख्य मुकाबला पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस और जम्मू में बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही नजर आ रहा है।
आतंकवाद के साए से मुक्त है चुनाव अभियान
जम्मू कश्मीर की 24 विधानसभा सीटों के लिए बुधवार यानी 18 सितंबर, 2024 को पहले चरण का चुनाव हो रहा है। बीते साढ़े तीन दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले चरण का चुनाव प्रचार आतंकवाद के साए से मुक्त रहा है।

देश के अन्य इलाकों की तरह ही दक्षिण कश्मीर जैसे कभी आतंकवाद के गढ़ रहे क्षेत्रों में भी उम्मीदवारों ने बिना किसी खौफ के देर रात तक क्षेत्र में घूमकर अपने लिए वोट मांगा है।
जम्मू कश्मीर में पहले चरण में 24 सीटों पर मतदान
10 साल बाद अपनी सरकार देखने का मौका है तो आम जनता में भी चुनावों को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। पहले दौर में जिन 24 सीटों पर चुनाव हो रहा है, जिनमें से 16 दक्षिण कश्मीर की सीटें हैं और बाकी 8 जम्मू डिविजन में शामिल विधानसभा क्षेत्र हैं।
जम्मू और कश्मीर चुनाव में मुख्य किरदार
इस चुनाव में इस बार जो मुख्य किरदार हैं, उनमें बीजेपी और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियां, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी जैसी प्रमुख क्षेत्रीय दल, बारामूला के सांसद इंजीनियर राशिद की अवामी इत्तेहाद पार्टी, जमात-ए-इस्लामी समर्थित उम्मीदवार और कई महत्वपूर्ण निर्दलीय प्रत्याशियों के अलावा अपनी पार्टी और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद की पार्टियों समेत अन्य लोकल पार्टियां।
कश्मीर घाटी में मुख्य मुकाबला नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के बीच
लेकिन, जहां तक कश्मीर घाटी में चुनाव की बात है तो मुख्य मुकाबला ज्यादातर सीटों पर फारूक अब्दुल्ला की नेशनल कांफ्रेंस और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी के बीच ही दिख रहा है। जम्मू कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस का कांग्रेस के साथ गठबंधन है।
भाजपा का कश्मीर घाटी में भी खुलेगा खाता- राम माधव
कश्मीर में कांग्रेस 47 सीटों में से सिर्फ 9 पर चुनाव लड़ रही है और नेशनल कांफ्रेंस 39 पर मैदान में है। वहीं बीजेपी घाटी में सिर्फ 19 सीटों पर चुनाव मैदान में है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और जम्मू कश्मीर में पार्टी के चुनाव प्रभारी राम माधव ने शोपियां में चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया है कि 'आज चीजें बदल चुकी हैं। बीजेपी जो कहती है, उसे लोग सुनना चाहते हैं। हमें पूरा विश्वास है की बीजेपी यहां भी (कश्मीर में) खाता खोलेगी। यह एक ऐतिहासिक चुनाव है और बीजेपी भी इतिहास लिखेगी।'
छोटे दलों और निर्दलीयों की वजह से घाटी में आ सकते हैं चौंकाने वाले परिणाम
कश्मीर घाटी में भाजपा का पूरा चुनाव अभियान छोटे-छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रदर्शन के भरोसे टिका है। पार्टी श्रीनगर की एक सीट समेत घाटी की चंद सीटों के लिए अंदर ही अंदर काफी आशांवित है। लेकिन, पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस के बीच जोरदार टक्कर में कुछ अन्य और निर्दलीय उम्मीदवारों की किस्मत की लॉटरी लगने की भी संभावना बन रही है।
जम्मू इलाके में बीजेपी और कांग्रेस के बीच टक्कर
बीजेपी का पूरा जोर जम्मू डिविजन की 43 सीटों पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह दोनों नेताओं का कार्यक्रम पहले दौर के चुनाव के लिए सिर्फ जम्मू की ओर ही हुआ है। पीएम मोदी ने डोडा में रैली की, जो कि 40 साल में किसी प्रधानमंत्री की पहली रैली रही। सोमवार को शाह ने तीन सभाएं कीं। उनकी एक चुनाव सभा किश्तवाड़ के पड्डार इलाके में भी हुई जो कि आजादी के बाद किसी गृहमंत्री की पहली सभा थी।
कांग्रेस जम्मू डिविजन की 29 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और नेशनल कांफ्रेंस 17 सीटों पर भाग्य आजमा रही है। दोनों पार्टियां कुल पांच सीटों पर दोस्ताना मुकाबला भी कर रही हैं। कांग्रेस के दोनों बड़े नेता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी सांसद राहुल गांधी दोनों ने कश्मीर में शुरू में दो रैलियां तो की हैं, लेकिन बाद में बीजेपी की तरह उनकी पार्टी ने भी वहां जोरदार चुनाव प्रचार नहीं किया है।












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