J&K Polls: हराम- हलाल पर छिड़ी जंग में कूदे फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती को दे डाली ये हिदायत
J&K Assembly polls: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग शुरू हो चुकी है। राजनीति दलों के नेता एक दूसरे पर जमकर जुबानी हमले कर रहे हैं। उमर और महबूबा के बीच चल रही हराम-हलाल को लेकर चल रही जुबानी जंग के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कान्फ्रेंस प्रमुख फारुख अब्दुल्ला की एंट्री हो चुकी है। उन्होंने महबूबा मुफ्ती को चुनाव को लेकर बड़ी नसीहत डे डाली है।
दरअसल, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने जमता-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध हटाने की मांग की थी। महबूबा ने लोकतंत्र को विचारों की लड़ाई बताते हुए जमात-ए-इस्लामी को चुनाव में हिस्सा लेने की परमीशन देने की गुजारिश की थी और उसकी जब्त की हुई संपत्ति वापस करने की गुजारिश की है।

इसके साथ ही विपक्षी नेशनल कान्फ्रेंस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के जमात-ए-इस्लामी को लेकर हलाल- हराम वाले बयान पर पटलवार किया था।
उमर ने क्या कहा था?
बता दें उमर अब्दुल्ला जो फारुख अब्दुल्ला ने जमात ए इलामी पर तंज कसते हुए कहा था कि जमात-ए-इस्लामी पहले कहते थे चुनाव हराम (निषिद्ध) है, लेकिन अब चुनाव हलाल (मान्य) हो गए हैं. देर आए दुरुस्त आए।
महबूबा ने दिया था ये जवाब
उमर के इस बयान पर महबूबा ने पटलवार करते हुए गुरुवार को कहा था उमर अब्दुल्ला पहले कहते थे कि चुनाव हराम (निषिद्ध) है, लेकिन अब चुनाव हलाल (मान्य) हो गए हैं। देर आए दुरुस्त आए।
उमर के लिए क्यों कही महबूबा ने ये बात
दरअसल, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 का दर्जा हटाए जाने के बाद उमर अब्दुला ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर विरोध जताते हुए कहा था कि जब तक कश्मीर को अनुच्छेद 370 का स्टेटस वाापस नहीं मिल जाता वो चुनाव नहीं लड़ेगे।
हालांकि चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही उमर अब्दुल्ला ने अपना फैसला बदल दिया और अब चुनाव लड़ रहे हैं। जिस पर महबूबा ने तंज कसते हुए कहा है कि 'वो पहले कहते थे कि चुनाव हराम (निषिद्ध) है, लेकिन अब चुनाव हलाल (मान्य) हो गए हैं. देर आए दुरुस्त आए।'
फारुख अब्दुल्ला ने महबूबा को दी ये नसीहत
नेशनल कान्फ्रेस प्रमुख फारुख अब्दुल्ला ने विपक्षी नेता महबूबा मु्फ्ती पर तंज कसते हुए सलाह दे डाली है। श्रीनगर में सूफी संत शेख हमजा मखदूम की ज़ियारत पर हाज़िरी करने पहुंचे फारुख ने महबूबा को नसीहत देते हुए कहा -' महबूबा को एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय कश्मीर को बचाने के प्रयास पर ध्यान देना चाहिए। एक दूसरे पर हमला करने से कुछ नहीं होगा।
जमात-ए-इस्लामी के चुनाव लड़ने पर क्या बोले फारुख अब्दुल्ला
फारुख अब्दुल्ला ने कहा ज़ियारत में मैंने कश्मीर, खास कर यहां के युवाओं के लिए दुआ मांगी जमात-ए-इस्लामी के चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा अल्लाह सभी को सही रास्ता दिखाए।












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