हैदरपोरा एनकाउंटर: कब्र से निकाले गए दोनों व्यापारियों के शव, परिजनों को होंगे हैंडओवर
नई दिल्ली, 18 नवंबर: श्रीनगर में सोमवार को एक मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए थे। उनके साथ दो स्थानीय व्यापारियों की भी मौत हुई। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दोनों व्यापारियों को आतंकवाद समर्थक बताकर उनको श्रीनगर से दूर हंडवाड़ा में दफना दिया था, लेकिन परिजनों के विरोध के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। अब दोनों के शव कब्र खोदकर निकाल लिए गए हैं। जल्द ही उनके परिजनों को उसे सौंप दिया जाएगा।

प्रशासन की ओर से जारी अधिकारिक बयान के मुताबिक डॉ. मुदासिर गुल और अल्ताफ भट के शव कब्र में से निकाल दिए गए हैं। उनको परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मैजिस्टेरियल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि वो सुनिश्चित करेंगे कि मामले में किसी के साथ अन्याय ना हो।
ये था पुलिस का पक्ष?
मुठभेड़ के बाद कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा था कि मुदासिर का कंप्यूटर सेंटर एक अनधिकृत कॉल सेंटर था, जिसमें छह कंप्यूटर थे। घटना के बाद अल्ताफ और मुदासिर के परिजनों से संपर्क किया गया, लेकिन कानून-व्यवस्था को देखते हुए शव को सौंपा नहीं जा सकता था। घटना स्थल से दो पिस्तौल भी बरामद हुई है। साथ ही इस बात के सबूत हैं कि वाणिज्यिक परिसर का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए हो रहा था।
विपक्ष का प्रदर्शन
बुधवार को महबूबा मुफ्ती ने हैदरपोरा एनकाउंटर के खिलाफ जम्मू में प्रदर्शन किया था। जिसके बाद उनको नजरबंद कर दिया गया। वहीं पूर्व सीएम अब्दुल्ला ने म्युनिसिपल पार्क में धरना दिया। साथ ही परिजनों को शव सौंपने की मांग की। धरने के दौरान उन्होंने कहा था कि हम यहां शांतिपूर्वक बैठे हैं, अगर हम चाहते तो सड़कें, पुल आदि को अवरुद्ध कर सकते थे लेकिन हमने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले में पीड़ित के परिजनों को न्याय दिलाएगी।












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