आतंकी सलाहुद्दीन के बेटों की बर्खास्तगी पर बोलीं महबूबा, बाप के गुनाहों की सजा बेटों को नहीं दे सकते
श्रीनगर, जुलाई 12। हाल ही में जम्मू कश्मीर प्रशासन ने प्रदेश के अंदर 11 कर्मचारियों को उनकी सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। इनमें मोस्ट वॉन्टेंड आतंकी सलाहुद्दीन के 2 बेटे भी शामिल थे। इसके अलावा जिन लोगों को बर्खास्त किया गया था, उनके भी आतंकियों से कनेक्शन का दावा किया गया था। प्रशासन की इस कार्रवाई को महबूबा मुफ्ती ने अपराध बताया था। अपने बयान को लेकर महबूबा मुफ्ती ने सफाई देते हुए कहा है कि मैंने किसी का समर्थन नहीं किया है। दरअसल, महबूबा पर आतंकी सलाहुद्दीन का समर्थन करने का आरोप लगने लगा था।
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20-25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर चुकी है सरकार
महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि वो किसी का समर्थन नहीं कर रही हैं, लेकिन किसी बेटे को उसके पिता के बुरे कामों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब तक आपके पास उन 11 कर्मचारियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं थे, तब तक ये कार्रवाई करना ठीक नहीं था। महबूबा ने बताया कि सिर्फ इन 11 लोगों को ही नहीं बल्कि सरकार ने इस साल के अंदर अभी तक 20-25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।
किसी के विचारों को नहीं पकड़ सकती सरकार- महबूबा
महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं बार-बार यही कहती हूं कि आप किसी व्यक्ति को पकड़ सकते हैं, लेकिन उसके विचारों को आप कभी नहीं पकड़ सकते, इन विचारों से आपको बातचीत करनी चाहिए, जैसे वाजपेयी जी ने की थी। महबूबा ने कहा कि मौजूदा सरकार का रवैया देश को पीछे ले जा रहा है।
आर्टिकल 370 और 35ए भारत के संविधान ने दिया- महबूबा
इस दौरान महबूबा मुफ्ती ने आर्टिकल 370 और 35A की बहाली की मांग को फिर से दोहराया। उन्होंने कहा कि ये कानून कोई विदेशी सरकारों के द्वारा नहीं मिला था, बल्कि भारत के संविधान ने ही हमें वो कानून दिए थे। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि केंद्र सरकार के पास कोई पॉलिसी नहीं है, देश में बेरोजगारी और महंगाई बढ़ती ही जा रही है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी बहुत अधिक है, अगर जल्दी कुछ नहीं किया गया तो हमारी स्थिति गुजरात से भी बहुत बद्तर हो जाएगी।












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