Fire in Siachen: सियाचिन में गोला-बारूद के बंकर में लगी आग, भारतीय सेना का एक अधिकारी शहीद

दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में बुधवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जहां भारतीय सेना के गोला-बारूद बंकर में आग लग गई। इस घटना में एक अधिकारी के शहीद होने की खबर है, जबकि पांच जवान घायल बताए जा रहे। जिनको बेस कैंप लाकर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक घटना सुबह साढ़े तीन बजे के आसपास की है। उस वक्त एक टेंट से आग की लपटें निकलती हुई देखी गईं। जिसमें गोला-बारूद रखा था। आनन-फानन में जवानों ने आग बुझाने का काम शुरू किया।

Ammunition bunker

कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन घटना में एक अधिकारी शहीद हो गए, जबकि पांच जवान घायल हैं। उनको हेलीकॉप्टर की मदद से नीचे लाया गया। सभी का इलाज जारी है।

कैसे हुआ हादसा?
सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में पता चला कि हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ है। टेंट के अंदर गोला-बारूद रखा था, ऐसे में हालात और बिगड़ गए। फिलहाल सेना ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

साजिश से इनकार
सूत्रों ने ये भी बताया कि सेना ने इस मामले में साजिश की बात से इनकार किया है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक ये हादसा था, जिसकी जांच की जा रही है। साथ ही भविष्य में ऐसा दोबारा ना हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे।

भारत के लिए काफी अहम है सियाचिन
आपको बता दें कि सियाचिन केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में आता है। ये पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और चीन की सीमा को एक होने से रोकता है। इस ग्लेशियर की वजह से भारतीय सेना गिलगिट और बाल्टिस्तान के कई इलाकों पर आसानी से नजर रख सकती है।

हमेशा रहती है मौसम की मार
सियाचिन में दुश्मन से ज्यादा खतरा जवानों को मौसम से रहता है। वहां पर हमेशा बर्फ रहती है। ठंड के मौसम में तापमान माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। इसके अलावा वहां हमेशा हिमस्खलन का खतरा भी रहता है।

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