Amarnath Yatra 2025: 'अब डर नहीं', आतंक को ठोकर मार पहलगाम पहुंचा श्रद्धालुओं का पहला जत्था
Amarnath Yatra 2025: इस बार की अमरनाथ यात्रा ने आस्था और साहस की नई मिसाल कायम की है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम, जहां 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले ने देश को दहला दिया था, आज फिर से भक्ति की गंगा में डूबा है। उस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली पर्यटक मारे गए थे, लेकिन आतंक के डर को ठोकर मारते हुए श्रद्धालुओं का पहला जत्था आज यानी 2 जुलाई 2025 को पहलगाम बेस कैंप पहुंच गया।
श्रद्धालुओं का जोश: 'सबकुछ शानदार'
उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालु रमेश तिवारी ने उत्साह के साथ कहा कि हम पहलगाम बेस कैंप पहुंच गए हैं। यहां की व्यवस्थाएं बेहद शानदार हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। कल से हम बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा शुरू करेंगे। वहीं, एक अन्य श्रद्धालु शीतल मेहता ने कहा, 'आतंकियों का मकसद हमें डराना था, लेकिन हमारी आस्था अटल है। बाबा अमरनाथ के आशीर्वाद से कोई डर नहीं है।'

भाजपा नेता ने किया स्वागत, दिया साहस का संदेश
जम्मू-कश्मीर भाजपा नेता रविंदर रैना ने पहलगाम बेस कैंप में श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'पहलगाम की धरती पर आतंकियों ने खून बहाया था, लेकिन आज यह वही भूमि है जो श्रद्धालुओं के स्वागत में सजी है। देशवासियों से अपील है कि न डरें, निडर होकर अमरनाथ यात्रा करें। कश्मीर की जनता आपके साथ है।'
ऑपरेशन सिंदूर: साहस का प्रतीक
गुजरात के श्रद्धालु हितेश पटेल ने अपने वाहन पर 'ऑपरेशन सिंदूर' का बैनर लगाया और गर्व से कहा, 'पहलगाम हमला हमारी आस्था को तोड़ने के लिए था, लेकिन पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकियों को करारा जवाब दिया। आज सुरक्षा बलों की भारी तैनाती है। हमें कोई डर नहीं, हम बाबा के दर्शन जरूर करेंगे।' ऑपरेशन सिंदूर, जिसे 7 मई 2025 को शुरू किया गया था, भारत की ओर से पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक कार्रवाई थी।
बालटाल में भी गूंजा स्वागत का 'नाद'
अमरनाथ यात्रा का दूसरा जत्था बालटाल बेस कैंप पहुंचा, जहां जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष दरख्शां अंद्राबी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'कश्मीर की धरती श्रद्धालुओं का तहे दिल से स्वागत करती है। अमरनाथ यात्रा अमन, एकता और भाईचारे का संदेश लेकर आती है। कश्मीरी लोग अपने मेहमानों की सेवा के लिए तैयार हैं।'
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
प्रशासन ने इस बार यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पहलगाम और बालटाल मार्गों पर CRPF, ITBP और जम्मू-कश्मीर पुलिस की भारी तैनाती है। इसके अलावा, मेडिकल सुविधाएं, लंगर और टेंट की व्यवस्था भी बारीकी से की गई है। स्थानीय लोग भी लंगर और सहायता शिविर चलाकर श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं।
आस्था पर आतंक भारी नहीं
अमरनाथ यात्रा 2025 न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह आतंक के खिलाफ भारत की एकजुटता और साहस को भी दर्शाती है। पहलगाम और बालटाल में श्रद्धालुओं का उत्साह बता रहा है कि बाबा बर्फानी के दर्शन का जोश किसी भी डर से बड़ा है। कश्मीर की जनता और प्रशासन की मेहमाननवाजी इस यात्रा को और खास बना रही है।












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