Zero Terror: सेना के डर से जम्मू-कश्मीर में घटने लगी घुसपैठ, अब तक 6 महीने में 25 आतंकियों का खात्मा
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का रुक-रुककर चल रहे अभियानों के साथ मोदी सरकार की 'जीरो टेरर' नीति को बड़ी सफलता में मिल रही है। सेना के डर से आतंकियों की घाटी में घुसपैठ कम हुई है, क्योंकि जम्मू में मारे गए आतंकवादियों की संख्या में 78 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
इस साल पिछले छह महीनों में जम्मू-कश्मीर में मारे गए आतंकवादियों की संख्या में 2022 की इसी अवधि की तुलना में 78 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है।

जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों में से एक द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार इस साल 1 जनवरी से 5 जुलाई के बीच किए गए विभिन्न अभियानों में कुल 27 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जबकि मारे गए आतंकवादियों की संख्या 2022 में 125 थी।
इस साल के पिछले छह महीने के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि दो दर्जन से अधिक ऑपरेशनों में सुरक्षा बलों ने कुल आठ स्थानीय आतंकवादियों और 19 विदेशी आतंकवादियों को मार गिराया है, जबकि पिछले साल जनवरी से जून के बीच 91 स्थानीय और 34 विदेश आतंकियों का खात्मा किया था।
अगर हम इस साल और पिछले साल के पहले छह महीने के आंकड़ों की तुलना करें तो स्थानीय और विदेश आतंकियों की हत्या में 91 प्रतिशत और 44 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। ये आतंकवादी ज्यादातर लश्कर-ए-तैयबा, उसकी शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े हैं।
ऐसे में आंकड़ों से संकेत मिलता है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियां और विदेशी आतंकवादियों की घुसपैठ दिन-ब-दिन कम हो रही है, साथ ही धारा 370 हटने के बाद सुरक्षा बलों - सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और पुलिस - द्वारा और भी अधिक केंद्रित आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं।












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