वैश्य समाज ने अपनी उद्यमशीलता से देश में अलग पहचान बनाई: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बिड़ला सभागार में अंतर्राष्ट्रीय वैश्य सम्मेलन में शामिल हुए। सीएम गहलोत ने इस मौके पर कहा कि वैश्य समाज ने अपनी उद्यमशीलता से पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वैश्य समाज ने अपनी उद्यमशीलता से पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। देश की अर्थव्यवस्था में वैश्य समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। आजादी के आंदोलन में जमना लाल बजाज एवं जी.डी. बिरला जैसी अनेक विभूतियों ने महात्मा गांधी जी के साथ मिलकर कार्य किया। अकाल जैसी प्राकृतिक आपदाओं में वैश्य समाज ने सदैव आगे बढ़कर राहत कार्यों में सहयोग दिया है। सीएम गहलोत रविवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज वैश्य समाज के लोग भारत के हर कोने में फैले हुए हैं। राजस्थान से निकले औद्योगिक घरानों ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। इन उद्योगपतियों ने अपने मूल क्षेत्रों से भी अपना जुडाव निरंतर बनाए रखा है तथा उनकी उन्नति के लिए कार्य किये हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान राज्य में सर्वश्रेष्ठ कोरोना प्रबंधन हुआ। कोई भूखा ना सोए के संकल्प के साथ जरूरतमंदों के लिए भोजन सहित अन्य व्यवस्थाएं समाजसेवियों के सहयोग से उपलब्ध कराई गई। इसमें वैश्य समाज ने भी आगे बढ़कर उल्लेखनीय कार्य किया।

कानून बनाकर दिया जाए सामाजिक सुरक्षा का अधिकार
सीएम गहलोत ने कहा कि देश में पूर्व में खाद्य, शिक्षा, सूचना एवं रोजगार के अधिकार आमजन को कानून बनाकर दिए गए हैं। इसी तरह देश में आमजन को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार कानून बनाकर दिया जाना चाहिए। वर्तमान में राजस्थान में लगभग 1 करोड़ वृद्धजनों, विधवाओं, निःशक्तजनों को सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन दी जा रही है। इसी तरह केन्द्र सरकार को भी एक समान सामाजिक सुरक्षा नीति बनाकर पूरे देश में लागू करनी चाहिए। ताकि जरूरतमंदों को समान रूप से सामाजिक एवं आर्थिक संबल मिल सके। सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान आज सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। केन्द्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार 11.04 की विकास दर के साथ राज्य पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। आज पूरे देश में राज्य सरकार की योजनाएं चर्चा का विषय है। सीएम गहलोत ने कहा कि चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से आमजन को महंगे इलाज की चिंता से मुक्ति मिली है। इस योजना के तहत प्रदेशवासियों के लिए 10 लाख रुपये तक का इलाज निःशुल्क कर दिया गया है। लीवर, किडनी ट्रांसप्लांट एवं कोक्लियर इम्प्लांट सहित अन्य अंग प्रत्यारोपण वाले उपचारों में 10 लाख रुपये की सीमा समाप्त कर दी गई है एवं पूरा खर्चा राज्य सरकार वहन कर रही है। आमजन के लिए आईपीडी-ओपीडी उपचार, सभी प्रकार की दवाइयां और महंगी जांचें निःशुल्क कर दी गई हैं। साथ ही प्रदेशवासियों को 5 लाख का दुर्घटना बीमा भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण कार्य करने वाली वैश्य समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। उन्होंने सम्मानित होने वाले लोगों को बधाई देते हुए कहा कि उनके कार्यों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी वर्गों को लाभान्वित करने के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। सरकार द्वारा प्रदेश में उद्योग स्थापित करने, निवेश बढ़ाने और युवाओं को इस क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए अहम निर्णय लिये जा रहे हैं। इस अवसर पर इंटरनेशनल वैश्य फैडरेशन के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने अग्रसेन जयंती पर अवकाश घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान जयपुर नगर निगम की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल, सांगानेर विधायक अशोक लाहोटी, एन.के. गुप्ता एवं सुधीर जैन सहित वैश्य समाज के लोग उपस्थित थे।













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