राजस्थान में शुरू होगी 'शहरी मनरेगा', 4 लाख लोगों को मांगने पर 15 दिन में मिलेगा रोजगार
जयपुर, 20 अप्रैल। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में गांवों की तर्ज पर अब शहरों में भी रोजगार मिलेगा। इसके दायरे में राजस्थान के 213 शहर आएंगे। 4 लाख लोगों को मांगने पर 15 दिन में साफ-सफाई, अवैध वाहन और मकान हटाने का काम मिलेगा।

शहरी क्षेत्रों में काम मांगने के लिए राजस्थान सरकार की ओर से निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन करना होगा। हर साल करीब चार लाख लोगों को 2.25 करोड़ से अधिक मानव दिवस रोजगार उपलब्ध करवाने का प्लान है।
सब कुछ योजनानुसार हुआ तो राजस्थान देश में शहरी बेरोजगारों को सबसे ज्यादा रोजगार से जोड़ने वाला राज्य होगा। स्वायत्त शासन विभाग के इस प्रस्ताव को यूडीएच मंत्री शांति धारिवाल से पास करवा कर सीएम की मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है।
इसमें सबसे पहले शहरी बेरोजगारों के लिए इंदिरा गांधी अरबन रोजगार गारंटी का जॉब कार्ड जैसा पहचान पत्र भी बनाने का प्रस्ताव है।
दैनिक भास्कर से बातचीत में राजस्थान के नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि देश ऐसा पहली बार हो रहा है कि शहरी बेरोजगारों के लिए रोजगार की गारंटी दी जा रही है। वित्त विभाग की स्वीकृति मिलते ही मई या जून से योजना शुरू कर देंगे।
शहरी मनरेगा में होंगे ये काम
- अतिक्रमण, अवैध बोर्ड होर्डिंग व बैनर हटवाने के काम, गंदे किए पब्लिक टायलेट व दीवारों की पुताई व पेंटिंग।
- आवारा पशुओं को निगम टीमों का सहयोग कर पकड़ना।
- निगमों पालिकाओं की कब्जे से बचाने वाली भूमि सुरक्षा के लिए गार्ड रखना, तारबंदी करवाना।
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण, रखरखाव व सफाई करवाना।
- घरों से कचरा संग्रहण, डंपिंग साइट पर कचरे का अलग करने का कार्य।
- नाला नालियों की सफाई, मलबा हटाने का काम, सीवर काम में सहयोग।
- शहरों के पार्किंग स्थलों का रख रखाव और देखरेख, बिजली से संबंधित काम।
- वन विभाग की नर्सरियों के पौधे तैयार करवाना। घर निर्माण मरम्मत।
- सार्वजनिक जगह पौधे लगाना, सड़क किनारे सजावट, बगीचों की देखभाल।












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