Surbhi Kumawat PNB मैनेजर व 5वीं पास शाहिद की लव स्टोरी का दुखद अंत, सबको रुला रहा आखिरी मैसेज
जयपुर, 5 अक्टूबर। राजस्थान के टोंक जिले की निवाई सुरभि कुमावत और जयपुर के बासबदनपुरा गलतागेट निवासी शाहिद अली की लव स्टोरी का आठ साल बाद दुखद अंत हो गया। इन आठ साल कई यादगार लम्हें आए। दोनों के बीच बातों और मुलाकातों का सिलसिला चला। जिंदगीभर साथ निभाने के वादे किए गए और अब सुरभि इस दुनिया को अलविदा कह चुकी है।

2016 में की थी लव मैरिज
जयपुर के मुहाना थाना एसएचओ लखन सिंह खटाना ने बताया कि सुरभि सुसाइड केस में पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया कि सुरभि का परिवार 25 साल जयपुर में रह रहा है। सुरभि जयपुर नेहरू पैलेस स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में मार्केटिंग मैनेजर थी। सुरभि व शाहिद की आठ साल पहले इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स के दौरान दोस्ती हुई थी। फिर दोनों ने साल 2016 में लव मैरिज कर ली थी। शादी के बाद दोनों इस्कॉन रोड मुहाना स्थित अपार्टमेंट के फ्लैट में रहने लगे थे। इनके पांच साल की एक बेटी समायरा है।

2015 में लगी पीएनबी में नौकरी
बता दें कि सुरभि पढ़ी-लिखी लड़की थी। उसने जयपुर के कनोडिया कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की थी। मानसरोवर स्थित आइआइआइएम से एमबीए किया था। वर्ष 2015 में सुरभी की बैंक में नौकरी लग गई थी। जबकि सुरभि का पति शाहिद पांचवीं तक पढ़ा लिखा था। दोनों 2016 में गाजियाबाद के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद शाहिद ने अपने नाम से अली शब्द हटा लिया और परिवार से अलग सुरभि के साथ रहने लगा था।

रात को प्रोग्राम जाकर में आए थे
इसी शनिवार को सुरभि व शाहिद अपनी बेटी के सोसायटी के एक प्रोग्राम में गए थे। रात करीब 11 बजे लौटे थे। पति और बेटी के सो जाने के बाद सुरभि उठकर दूसरे कमरे में चली गई थी। देर रात उसने चुन्नी से फंदा लगाकर जान दे दी। रविवार सुबह पति शाहिद की नींद खुली उसने पत्नी सुरभि को आवाज लगाई। वह नहीं दिखी तो उसने फ्लैट के दूसरे कमरे में जाकर देखा। पत्नी फंदे से लटकी थी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतराकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

पिता ने पति के खिलाफ दी रिपोर्ट
सुरभि के पिता हरिशंकर कुमावत (70) ने उसके पति शाहिद के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। जिस पर पुलिस ने बुधवार सुबह सुरभि के पति को गिरफ्तार कर लिया। पिता ने आरोप लगाए कि बेटी सुरभि ने उनसे कहा था कि पति उसे बहुत परेशान करता था। जीने का मन नहीं है। परिवार टूटने के डर से हम बेटी को समझाते रहे। चुप रहे, मगर अब बेटी को खो दिया।

सुरभि का सुसाइड नोट
पुलिस को सुरभि कुमावत का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा कि वह खुश रहना चाहती है, मगर कोई उसे नहीं समझता। सब उससे परेशान हैं। वह किसी के लिए परेशानी नहीं बनना चाहती। उसने अपने काम व कार्यालय के कर्मचारियों का भी जिक्र किया। लिखा कि सब उससे बेवजह नफरत करते हैं। सुरभि को लगता था कि उसका बच्चा भी उससे प्यार नहीं करता। जिंदगी उसे श्राप लगने लगी थी। आई लव यू माय बेटू। मामा लव यू सो मच।

बिंदास लाइफ जीती थी सुरभि
सोसायटी के लोगों ने बताया कि सुरभि की मौत से स्तब्ध हैं। सुरभि हंसमुख थी। वह बिंदास लाइफ जीती थी। मर नहीं सकती। उसके पास खुद की कार थी। पति के पास महंगी बाइक थी। दोनों लग्जरी लाइफ जी रहे थे। ऐसा क्या हुआ कि सुरभि को जान देनी पड़ी। सुरभि ने कुछ दिन पहले ही खुद के लिए बुलेट खरीदना चाह रहा थी। सुरभि सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती थी।












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