Rajasthan के पाली में ठेकेदार की मौत के बाद बवाल, भाजपा पार्षदों ने अपने ही बोर्ड के खिलाफ खोला मोर्चा
Rajasthan के पाली में भाजपा समर्थित नगर परिषद के ठेकेदार के सुसाइड करने के बाद बवाल हो गया है। ठेकेदार ने मरने से पहले दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर सभापति रेखा भाटी, उनके पति राकेश भाटी, आयुक्त बृजेश राय और नगर परिषद के लेखा शाखा के नरेश चौधरी को मौत का जिम्मेदार बताया है। ठेकेदार की मौत के बाद भाजपा पार्षद, ठेकेदार, राजपुरोहित समाज के लोग और परिवार के लोग धरने पर बैठ गए हैं। मामले को शांत करने के लिए एडीएम चंद्रभान सिंह और पुलिस अधिकारियों ने बातचीत की। लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। पीड़ित पांच सदस्यों का एक दल कलेक्टर से बात करने पहुंचा। लेकिन वहां भी बातचीत से कोई नतीजा नहीं निकला। ठेकेदार की मौत से गुस्साए समाज के लोग रात को ही धरना स्थल से नगर परिषद की ओर जाने लगे। पुलिस ने उन्हें बीच में रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने रोड़ जाम कर दिया। इस घटना से गुस्साए भाजपा के पार्षदों ने भी अपनी ही पार्टी के बोर्ड के खिलाफ हंगामेबाजी शुरू कर दी। मामले में समझाइश करने के लिए पार्टी ने प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर को पाली भेजा है।

सभापति और उनके पति से परेशान हैं भाजपा पार्षद
मामले के मुताबिक पाली के ढाबर गांव के रहने वाले ठेकेदार हनुमान सिंह राजपुरोहित ने अपने घर के कमरे में पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी। इस मामले के बाद भाजपा पार्षदों के साथ परिवार सभापति के इस्तीफे और सभी दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग पर अड़ा हुआ है। आपको बता दें कि भाजपा पार्षदों ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला है। इससे पहले भी सभापति और उनके पति पर परेशान करने का आरोप लग चुका है भाजपा राजस्थान के प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा कहते हैं कि भुगतान किस स्तर पर अटका हुआ था। यह जांच का विषय है। अगर कोई अपने पद का दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ पार्टी में उच्च स्तर पर कार्रवाई होगी। अगर वाकई ऐसा हुआ है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया से भी वनइंडिया हिंदी ने फोन पर पक्ष जानने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर पार्षदों से कर रहे बात
मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा के प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर पाली पहुंच चुके हैं। दिलावर कहते हैं कि मृतक ठेकेदार भाजपा का कार्यकर्ता भी था। मामले की जांच प्रशासनिक अधिकारी कर रहे हैं। संगठन स्तर पर हम मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। अभी तक मृतक ठेकेदार हनुमान सिंह राजपुरोहित का दाह संस्कार नहीं किया गया है। दिलावर कहते हैं स्थानीय लोग सभापति और उनके पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले की जानकारी जुटाकर और सब का पक्ष जानकर अपनी रिपोर्ट पार्टी को सौंपेंगे। अगर कोई दोषी पाया गया तो पार्टी उनके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई करेगी। वहीं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा के मुताबिक बीजेपी के पार्षद पहले से सभापति से परेशान हैं। पार्षद ठेकेदार जनता सब परेशान है। सभापति की जगह उनका पति राकेश भाटी सारा काम देखता है। नगर परिषद में गलत काम को लेकर पहले भी धरना प्रदर्शन किया गया और पार्टी को अवगत कराया गया। अब प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर आए हैं। वे पार्षदों से बात कर रहे हैं।

नगर परिषद में दो से ढाई करोड़ रूपया था बकाया
मृतक ठेकेदार हनुमान सिंह राजपुरोहित के बेटे ने रोहट मामला दर्ज कराया है। मृतक के बेटे का कहना है कि उसके पिता हनुमान सिंह राजपुरोहित नगर परिषद सहित अन्य ऑफिस में ठेकेदारी करते थे। नगर परिषद से उनका दो से ढाई करोड़ रुपया बकाया था। जिसके भुगतान के लिए उनके पिता नगर परिषद के चक्कर काट रहे थे। लेकिन भुगतान नहीं हुआ। कामकाज के लिए उन्होंने रिश्तेदारों और मार्केट से रुपए उधार लिए थे। नगर परिषद द्वारा कामों का भुगतान नहीं होने से पिछले कई दिनों से वे डिप्रेशन में थे। ठेकेदार के बेटे का आरोप है कि सभापति रेखा भाटी, सभापति के पति राकेश भाटी, आयुक्त बृजेश रॉय और नगर परिषद लेखा शाखा के नरेश चौधरी ने बकाया पेमेंट रिलीज करने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी।












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