Rajasthan News: दिल्ली शराब घोटाले में राजस्थान के बड़े बीजेपी नेता की भूमिका संदिग्ध, जानिए कौन है बड़ा चेहरा
Rajasthan News: राजस्थान में विधानसभा चुनाव का आगाज हो चुका है। भाजपा ने 41 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी की दूसरी सूची जारी होने से पहले प्रदेश की सियासत में संग्राम चल रहा है। इसी बीच सीकर जिले में नीम का थाना सीट से दो बार विधायक और मंत्री रहे प्रेम सिंह बाजौर को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। दरअसल, दिल्ली के शराब नीति घोटाले से प्रेम सिंह बाजौर का नाम जोड़कर देखा जा रहा है। सियासी गलियारों में इसकी खूब चर्चा हो रही है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि प्रेम सिंह बाजौर का दिल्ली में शराब में से कारोबार से जुड़े रहे हैं। चर्चा है कि दिल्ली की शराब नीति को लेकर बाजौर की भी बड़ी भूमिका रही है। केंद्र सरकार ने दखल करते हुए ईडी के जरिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को जांच के दायरे में लिया है। जानकार कहते हैं कि अब इसकी आंच प्रेम सिंह बाजौर तक पहुँच सकती है। लेकिन केंद्र में भाजपा की सरकार और पार्टी में प्रेम सिंह बाजौर की पहुँच के चलते उन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसी बीच राजस्थान में टिकट बंटवारे को लेकर चल रहे सियासी संग्राम के बीच अब यह मामला मुद्दा बनने लगा है।
भाजपा की भूमिका पर उठे सवाल
पूर्व मंत्री प्रेम सिंह बाजौर की दिल्ली शराब नीति घोटाले को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक समीक्षक कहते हैं कि केंद्र में भाजपा की सरकार है। दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा इस मामले को लेकर आप नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। वे सवाल उठाते हैं कि प्रेम सिंह बाजौर को क्यों बचाया जा रहा है? जानकार कहते हैं कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव सिर पर है। ऐसे में प्रेम सिंह राजस्थान में नीम का थाना से विधायक पद के दावेदार हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या पार्टी जान बूझकर प्रेम सिंह को इस मामले में बचा रही है। आपको बता दें कि प्रेम सिंह बाजौर प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेहद करीबी मानें जाते हैं।

राजस्थान में आप पार्टी उठाएगी मुद्दा
प्रदेश में कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में सभी दलों ने विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस ली है। आप पार्टी से जुड़े सूत्र कहते हैं कि दिल्ली शराब घोटाले को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार जिस तरह एकतरफा मुद्दा बना रही है। पार्टी राजस्थान में इसे मुद्दा बनाएगी। पार्टी से जुड़े एक बड़े नेता आरोप लगाते हैं कि पार्टी पूरी तरह से पक्षपात की नीति अपना रही है। दिल्ली की सियासत में आप नेताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। लेकिन राजस्थान के एक बड़े माफिया का पक्ष लिया जा रहा है। क्योंकि वे उनकी पार्टी के बड़े नेता हैं। आम आदमी पार्टी इसे राजस्थान विधानसभा चुनाव में मुद्दा जरूर बनाएगी। आपको बता देते हैं कि प्रेम सिंह बाजौर राजस्थान में बड़े शराब माफिया मानें जाते हैं। वे लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं।












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