राजस्थान: गहलोत सरकार ने खोले 5 महिला बंदी सुधार गृह, देश में पहले पायदान पर पहुंचा प्रदेश
कारागार मंत्री टीकाराम जूली ने विधानसभा में कारागार विभाग की अनुदान मांगों पर बहस के जवाब में कहा कि जेलों में बंद कैदियों को मुख्य धारा में लाने के सतत प्रयास किए जा रहे है।

राजस्थान में गहलोत सरकार द्वारा 5 नए महिला बंदी सुधार गृह खोले गए हैं। कारागार मंत्री टीकाराम जूली ने विधानसभा में कारागार विभाग की अनुदान मांगों पर बहस के जवाब में कहा कि राज्य सरकार जेलों में बंद कैदियों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए सतत रूप से कार्य कर रही है। इसी दृष्टिकोण के तहत बंदियों को शिक्षित करने के साथ-साथ कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जेलों से अपराध का संचालन रोकने के लिए न्यायधीशों, जिला कलक्टरों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीमों द्वारा संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। महिला एवं दिव्यांग बंदियों के अधिकारों के प्रति सरकार संवेदनशील है। प्रदेश में 5 नए महिला बंदी सुधार गृह खोल कर राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। बंदियों को साक्षर बनाने के लिए आईआईटी डिप्लोमा जैसे कोर्स चलाए जा रहे है। मुख्य प्रहरी का वेतनमान पुलिस के हैड कांस्टेबल के समान कर दिया है। जेल प्रहरी और पुलिस कांस्टेबल के बीच की वेतन विसंगति दूर करने पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। चर्चा के बाद कारागार विभाग की 3 अरब 6 करोड़ 94 लाख 53 हजार रुपए की अनुदान मांगे ध्वनिमत से पारित की गई।












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