जयपुर बम धमाकों के आरोपियों के बरी होने के बाद राजस्थान DGP खुद कर रहे जांच
राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले दिनों जयपुर बम ब्लास्ट के चार आरोपियों की फांसी की सजा रद्द कर दी थी।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में साल 2008 में सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपियों के बरी होने के मामले में डीजीपी ने बड़ा फैसला लिया है। राजस्थान डीजीपी उमेश मिश्रा ने कहा कि जयपुर बम धमाकों के मामले की जांच अब वे खुद कर रहे हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर बम ब्लास्ट के आरोपियों को जिन बिंदुओं पर बरी किया, इनमें एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की बात कही गई है, लेकिन उस समय सीसीटीवी कम ही हुआ करते थे। आरोपियों से बस टिकट बरामद करने की बात है तो अधिकांश यात्री बस टिकट नहीं रखते। यह तो बम धमाके करने वाले आरोपी थे, जो खुद के खिलाफ सबूत नहीं छोड़ने वाले थे।
सोमवार को राजस्थान पुलिस मुख्यालय जयपुर में मीडिया से बातचीत में राजस्थान पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने यह भी कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस की जांच में कहां कहां कमियां रही है। इसकी भी जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 13 मई 2008 की शाम को जयपुर के परकोटे में 12 मिनट के अंतराल में बम धमाकों में 73 लोगों की जान चली गई थी। विशेष कोर्ट ने आरोपी सैफुर्रहमान, मोहम्मद सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ उर्फ करीऑन व मोहम्मद सलमान को 20 दिसम्बर 2019 को फांसी की सजा सुनाई थी। फिर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के 18 वकीलों ने प्रोजेक्ट-39ए के तहत पैरवी कर चारों को बरी करवा दिया।












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