राजस्थान: मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत स्कूली बच्चों को मिल रहा पौष्टिक दूध, 69 लाख से अधिक ले रहे लाभ
राजस्थान में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समुचित विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना शुरू की गई है। योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सप्ताह में पोष्टिक दूध दिया जा रहा है।
राजस्थान में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समुचित विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना शुरू की गई है। योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 के बच्चों को सप्ताह में 2 दिन पोष्टिक दूध दिया जा रहा है। राज्य सरकार की इस पहल से बच्चों में कुपोषण की समस्या का समाधान होगा। साथ ही उनका समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मिड डे मील योजना में पौष्टिकता सुधार की दृष्टि से नवम्बर -2022 में मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना का शुभारंभ किया गया। योजना के माध्यम से राजकीय विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों एवं मदरसों में विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है। इससे प्रदेश के नौनिहालों हष्ट-पुष्ट होंगे एवं भावी कर्णधारों का मानसिक विकास भी हो सकेगा।

69 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को मिल रहा नि:शुल्क दूध
इस योजना के तहत राजकीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक के करीब 69 लाख 22 हजार बच्चों को मिल्क पाउडर से तैयार दूध सप्ताह में दो दिन बुधवार एवं शुक्रवार को उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिसमें कक्षा एक से 5 तक के विद्यार्थियों को 15 ग्राम पाउडर मिल्क से 150 मि.ली. तैयार दूध एवं कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को 20 ग्राम पाउडर मिल्क से 200 मि.ली. तैयार दूध चीनी मिला कर पीने के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है। स्कूलों में बुधवार और शुक्रवार को किसी कारणवश अवकाश होने पर अगले शैक्षणिक दिवस को दूध उपलब्ध करवाया जाता है।
गुणवत्ता का रखा जाता है ध्यान
मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को विद्यालय प्रबंधन समिति की देखरेख में प्रार्थना सभा के तुरंत पश्चात पाउडर मिल्क से तैयार दूध उपलब्ध करवाया जाता है। दूध की गुणवत्ता की जांच के लिए विद्यार्थियों को दूध पिलाया जाने से पूर्व एक अध्यापक, एक विद्यार्थी के अभिभावक और एस.एम.सी के सदस्य द्वारा पोषाहार की भांति दूध को चखा जाता है। दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के बाद ही विद्यार्थियों को दूध का वितरण किया जाता है। योजना के क्रियान्वयन एवं बेहतर संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा 476 करोड़ 44 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अब बजट घोषणा वर्ष 2023-24 में मिड डे मील के अंतर्गत एक हजार करोड़ रुपये की लागत से बच्चों को प्रतिदिन दूध उपलब्ध करवाए जाने की घोषणा की गई है।












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