गहलोत की नई कैबिनेट को लेकर विधायकों में नाराजगी, टीकाराम जूली को मंत्री बनाए जाने का विरोध
जयपुर, 21 नवम्बर। राजस्थान में गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद भी पार्टी में सब कुछ ठीक होता नजर नहीं आ रहा है। कैबिनेट फेरबदल से अशोक गहलोत ने पायलट खेमे की नाराजगी को साधा है लेकिन अब नई मुसीबत सामने आ गई है। दरअसल कुछ लोगों को मंत्री बनाये जाने पर कुछ विधायक नाराज हो गए हैं और खुलकर अपनी नाराजगी जताई है।

नाराज विधायकों में जौहरी लाल मीणा का नाम पहले नंबर पर है जिन्होंने टीकाराम जूली को मंत्री बनाए जाने पर खुलकर विरोध जताया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले टीकाराम जूली पर जौहरी लाल मीणा ने गंभीर आरोप लगाया है। अभी तक श्रम विभाग के राज्यमंत्री रहे टीकाराम जूली को कैबिनेट प्रभार मिलने वाला है। टीकाराम जूली अलवर ग्रामीण विधानसभा सीट से चुनकर सदन में पहुंचे हैं।
टीकाराम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायक जौहरी लाल मीणा ने कहा कि हमारे जिले (अलवर) में हर कोई अच्छे से जानता है कि टीकाराम जूली भ्रष्ट आदमी है और उनका परिवार वसूली में शामिल है। मैने पार्टी नेतृत्व से उन्हें हटाने को कहा था लेकिन अब उसे मंत्री (कैबिनेट) बनाया गया है।"
वहीं जौहरी लाल मीणा के आरोपों को गलत बताते हुए टीकाराम जूली ने उनसे सबूत देने को कहा है। टीकाराम ने कहा कि "वह (जौहरी लाल मीणा) पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं लेकिन उनके द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।" जूली ने आगे कहा "अगर उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत हैं तो उन्हें लेकर सामने आना चाहिए।"
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पार्टी कार्यालय पहुंचे गहलोत
राजस्थान में रविवार को शाम 4 बजे नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण होना है। इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्य के कांग्रेस प्रभारी अजय माकन जयपुर स्थित पार्टी ऑफिस में पहुंच गए हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी कार्यालय में अपने संबोधन में पार्टी के असंतुष्टों को भी साधने की कोशिश की। गहलोत ने कहा जिन लोगों को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जा सका है, इस सरकार में उनका योगदान मंत्री बनाए गए लोगों से कम नहीं है।












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