राजस्थान: पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ब्रेकफास्ट पॉलिटिक्स, कटारिया के बहाने विधायकों को किया एकत्रित
राजस्थान के भाजपा नेता गुलाबचंद कटारिया को राज्यपाल बनाए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ब्रेकफास्ट पॉलिटिक्स की है। राजे ने इस बहाने विधायकों को अपने आवास पर बुलाकर शक्ति प्रदर्शन किया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाए जाने के सम्मान में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जयपुर के सिविल लाइंस स्थित अपने सरकारी आवास पर चाय-नाश्ते का कार्यक्रम आयोजित किया। कटारिया को बधाई देने के साथ ही राजे ने बीजेपी विधायकों से मिलने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया था। सियासी गलियारों में इसे वसुंधरा राजे की ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी के मौजुदा 70 विधायकों में से 65 विधायक इस कार्यक्रम पहुंचे। वसुंधरा राजे ने सभी विधायकों से ग्रुप में चर्चा की।

भाजपा के 70 में से 65 विधायक मौजूद
बीजेपी के वर्तमान 70 विधायकों में से 65 विधायकों का उनके आवास पर पहुंचे। सियासी गलियारों में इसे राजे के नेतृत्व में के मैसेज के तौर पर देखा जा रहा है। माना जाता है कि वसुंधरा राजे की बीजेपी संगठन में गजब पकड़ होने के साथ-साथ प्रदेश की जनता, महिलाओं और युवा वर्ग में तो उनकी जबरदस्त अपील है। जो किसी और की नहीं है। फिर हर जिले में उनके अपने लोग हैं। लोकप्रियता के मामले में भी प्रदेश का कोई और नेता वसुंधरा राजे के मुकाबले कहीं नहीं ठहरता।
समरोह में यह नेता हुए शामिल
सामरोह में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक प्रताप सिंह सिंघवी, सूर्यकांत व्यास, कालीचरण सराफ, अनीता भदेल, वासुदेव देवनानी, पूर्व विधायक शंकर सिंह राजपुरोहित समेत कई भाजपा विधायक व पूर्व विधायक राजे के आवास पहुंचे। वसुंधरा राजे ने एक-एक कर उनसे मुलाकात की। नाश्ते के लिए सादर आमंत्रित किया। इसके साथ राजे ने सभी से ग्रुप में चर्चा की। वसुंधरा राजे ने गुलाबचंद कटारिया को भगवान की मूर्ति और गुलाबी फूलों का खूबसूरत गुलदस्ता भेंट किया। साथ ही कटारिया को शाल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया। इस मौके पर वसुंधरा राजे ने सभी विधानसभा सदस्यों से बातचीत की। कटारिया को राज्यपाल पद की जिम्मेदारी के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दीं। अब नेता प्रतिपक्ष की सीट के खाली हो जाने के बाद बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस सीट के लिए उमीदवार की तलाश शुरू कर दी है। लेकिन राजस्थान का पेंच अभी भी वसुंधरा राजे के ही ईर्द-गिर्द घूमता नजर आ रहा है।












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