हनुमान बेनीवाल की NDA से गठबंधन तोड़ने की धमकी पर BJP नेताओं का पलटवार-'हमें आपकी जरूरत नहीं'
जयपुर। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एनडीए से अपनी पार्टी आरएलपी का गठबंधन तोड़ सकने की धमकी दे चुके हैं। बेनीवाल का यह सियासी दांव उल्टा पड़ता नजर आ रहा है, क्योंकि इस पर भाजपा नेताओं ने हाथों-हाथ पलटवार किया है। उन्होंने यहां तक कह डाला है कि उनको हनुमान बेनीवाल के गठबंधन की कोई जरूरत नहीं है।

आरएलपी एनडीए गठबंधन पर क्या कहा था हनुमान बेनीवाल?
30 नवंबर 2020 को आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाम को पत्र लिखकर कहा था कि केंद्र सरकार तीनों कृषि बिलों को वापस लेते हुए स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों को लागू के संबंध में निर्णय नहीं लेने की स्थिति उनकी पार्टी आरएलपी एनडीए के साथ अपने गठबंधन जारी रखने पर पुनर्विचार करेगी।
भाजपा नेताओं ने क्या कहा हनुमान बेनीवाल पर?
हनुमान बेनीवाल का यह धमकी भरा खत सामने आने के बाद दो दिसम्बर को वसुंधरा राजे खेमे के भाजपा नेता छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी, पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत, प्रहलाद गुंजल और विद्याशंकर नंदवाना आदि ने मीडिया से बातचीत की और बताया कि उन्होंने अमित शाह व जेपी नड्डा को लिखा पत्र है, जिसमें NDA से RLP का गठबंधन टूटने की धमकी पर पलटवार करते हुए कहा कि हनुमान बेनीवाल कल क्या आज ही भाजपा से संबंध तोड़ लें। भाजपा को उनकी कोई जरूरत नहीं है। किसी समय वो खुद ही भाजपा के दरवाजे पर आए थे।
भाजपा नेताओं का तर्क-आरएलपी सिर्फ नागौर तक
राजस्थान में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे खेमे के भाजपा नेताओं की ओर से पार्टी आला कमान को भेजे पत्र में यह भी लिखा गया है कि हनुमान बेनीवाल की पार्टी मुठ्ठीभर जाति विशेष के लोगों में सिमटी हुई है। वो आए दिन पूर्व सीएम राजे पर कीचड़ उछालने से भी बाज़ आएं। भाजपा नेताओं ने लिखा कि हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी सिर्फ नागौर तक सिमित है। राजस्थान के हाड़ौती, मेवाड़, वागड़, बृज प्रदेश, बीकाना और शेखावाटी संभाग में आरएलपी का कोई वजूद नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications