• search
जयपुर न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस, जानिए राजस्थान सीएम ने क्या क्या कहा?

|

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की सोमवार देर रात तक चली वीडियो कांफ्रेंस के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना से बचाव, लॉकडाउन तथा इस संकट से मुकाबला करने के लिए सुझावों के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

शहरों में भी मिले नरेगा की तर्ज पर रोजगार

शहरों में भी मिले नरेगा की तर्ज पर रोजगार

ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत मजदूरों के लिए न्यूनतम 200 दिवस रोजगार उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री से मनरेगा की तर्ज पर ही शहरी क्षेत्रों के लिए भी रोजगार की गारंटी देने वाली योजना शुरू करने का आग्रह किया है। लॉकडाउन के कारण दिहाड़ी पर गुजर-बसर करने वाले, गरीब, मजदूर एवं जरूरतमंद तबके की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्हें रोजगार मिलता रहे, इसके लिए जरूरी है कि केन्द्र मनरेगा की भांति ही शहरी क्षेत्र के लिए भी ऐसी योजना लाने पर विचार करें।

 राजस्थान में कोरोना के 12 हजार टेस्ट रोजाना

राजस्थान में कोरोना के 12 हजार टेस्ट रोजाना

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सीएम गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार कोरोना संक्रमण की स्थिति को प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की चुनौती के रूप में ले रही है। पहले हमें जांच के लिए दिल्ली एवं पुणे सैम्पल भेजने पड़ते थे। अब राजस्थान ने करीब 12 हजार टेस्ट प्रतिदिन की क्षमता हासिल कर ली है। प्रधानमंत्री से कहा कि लॉकडाउन के कारण विषम वित्तीय हालात को देखते हुए राज्य सरकार हर महीने यह खाद्यान्न उपलब्ध नहीं करा पाएगी। इन वंचित लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिले इसके लिए केन्द्र सरकार से सहायता का अनुरोध किया।

 संकट की इस घड़ी में किसानों को संबल

संकट की इस घड़ी में किसानों को संबल

केन्द्र द्वारा घोषित लॉकडाउन का राज्य सरकारों और आमजन ने पूरी इच्छाशक्ति और संकल्प के साथ पालन किया है। अब अगले चरण में विभिन्न जोन के निर्धारण और प्रतिबंधों को लागू करने का अधिकार राज्यों को मिलना चाहिए। केन्द्र सरकार के मानक दिशा-निर्देशों के अनुरूप रहते हुए राज्यों को यह अधिकार मिले जिससे कि वे स्थानीय स्तर पर यह तय कर सकें कि किन गतिविधियों के लिए उन्हें छूट देनी है और किन को प्रतिबंधित रखना है। संकट की इस घड़ी में किसानों को संबल देना हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

 अजमेर तक पहुंचा टिड्डी दल

अजमेर तक पहुंचा टिड्डी दल

किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले इसके लिए जरूरी है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं, चने एवं सरसों की खरीद की सीमा को कृषि उत्पादन के 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया जाए। प्रधानमंत्री को प्रदेश में टिड्डी के प्रकोप की जानकारी दी और इसके नियंत्रण में सहयोग का आग्रह किया। बीते साल टिड्डियों के हमले के कारण प्रदेश के 12 जिलों में फसलों तथा वनस्पति को बुरी तरह नुकसान पहुंचा था। इस साल 11 अप्रैल से ही प्रदेश में टिड्डियों के हमले शुरू हो गए हैं और अजमेर तक भी टिडडी दल पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री का ध्यान विश्व खाद्य संगठन की उस चेतावनी की ओर भी दिलाया जिसमें बताया गया है कि अफ्रीका, ईरान, भूमध्यसागर के देशों में बड़ी संख्या में टिड्डियों का प्रजनन हो रहा है। इससे राजस्थान और गुजरात के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।

: वो 5 मां जिन्होंने पिता की भी भूमिका निभाकर बेटों को बनाया IAS

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
PM Modi's Video conference with chief ministers, know what said Rajasthan CM?
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X