OPINION: विधानसभा चुनाव से पहले सरकारी कर्मचारियों को साधने में जुटे अशोक गहलोत, जानिए पूरा मामला
राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। गहलोत कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों के प्रमोशन की 31 साल पुरानी पुरानी व्यवस्था लागू कर दी है। इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को अब 9, 18 और 27 साल के पे-स्केल के अनुसार प्रमोशन मिलेगा। हालांकि कर्मचारी इस वयस्था के नफे नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। राजनीति के जानकार इसे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मास्टर स्ट्रोक के तौर पर देख रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले सीएम गहलोत ने इस व्यवस्था को लागू कर कर्मचारियों को साधने की कोशिश की है।
क्या है पुरानी वाली सलेक्शन स्केल व्यवस्था
राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए 31 साल पहले अलग व्यवस्था थी। 25 जनवरी 1992 को 9,18 और 27 साल की सर्विस पर प्रमोशनल पोस्ट के साथ पे स्केल दिए जाने का प्रावधान लागू किया गया था। यह व्यवस्था खास तौर पर क्लर्क ग्रेड के कर्मचारियों के लिए लागू की गई थी। इसके तहत कर्मचारी का 9 साल के भीतर प्रमोशन नहीं हुआ तो उसे इस व्यवस्था के तहत 9 साल में कम से कम पहला निश्चित प्रमोशन मिल ही जाता था। कर्मचारी को अपनी एक सर्विस में कम से कम 3 प्रमोशन मिल जाते थे। उसी के तहत उच्च पदों पर पदोन्नति के साथ-साथ कर्मचारियों की तनख्वाह यानी ग्रेड पे भी बढ़ जाता था।

कब लागू होगी यह व्यवस्था
जैसे ही वित्त विभाग इसका नोटिफिकेशन जारी करेगा, उसी दिन से यह लागू हो जाएगा। अक्टूबर में किसी भी वक्त राजस्थान में आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में उससे पहले ही यह व्यवस्था लागू हो सकती है। इसके लागू होने के बाद जिन कर्मचारियों को अपनी नौकरी के अनुसार 9 साल का पीरियड हो जाएगा। उन्हें लाभ मिल जाएगा। अधिसूचना जारी होने पर सारी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को होगा फायदा
राजस्थान में करीब 7 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। इससे जुड़े जानकारों के मुताबिक पुरानी व्यवस्था में प्रमोशनल फायदे के साथ-साथ एक सामाजिक फायदा भी जुड़ा हुआ था। वर्तमान व्यवस्था में तो कर्मचारियों को पैसे से तनख्वाह से फायदा होता है। लेकिन पुरानी यानी सलेक्शन स्केल व्यवस्था में काडर भी बढ़ता था। ऐसे में कर्मचारियों के लिए यह सम्मान की बात होती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए भी कर्मचारी इस व्यवस्था की मांग कर रहे थे।
सीएम गहलोत ने बजट में की थी घोषणा
सिलेक्शन ग्रेड से एसीपी में बदलाव से कर्मचारियों के लाभ में कमी आ गई थी। कई कर्मचारी संगठन इसे लागू करने की मांग कर रहे थे। ऐसे में सीएम ने एसीपी में दोबारा संशोधन करते हुए स्टेट सर्विस सहित सभी कर्मचारियों को 1992 में मंजूर की गई सिलेक्शन ग्रेड की तर्ज पर 9, 18, 27 साल की सेवा पूरी करने पर पहली, दूसरी और तीसरी पदोन्नति वाले पे स्केल दिए जाने की घोषणा बजट में की थी। इसे कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई है। चर्चा है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका फायदा मिलेगा।












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