राजस्थान को लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी में हुई लंबी बातचीत, इन विकल्पों पर किया गया विचार विमर्श
जयपुर, 5 अक्टूबर। राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुलाकात हुई है। इस मुलाकात के दौरान राजस्थान को लेकर दोनों नेताओं में लंबी बातचीत हुई है। खबर है कि कांग्रेस हाईकमान कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया जारी रहने से उलझन में है। कांग्रेस हाईकमान राजस्थान में कांग्रेस की सरकार भी बचाना चाहता है और हाईकमान के आदेश को भी मनवाना जरूरी है। इसी उलझन का रास्ता निकालने के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बीच कई विकल्पों पर विचार विमर्श किया गया। राजस्थान को लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बीच क्या बातचीत हुई। इसका ब्यौरा तो नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि राजस्थान को लेकर दोनों नेताओं ने कई विकल्पों पर बातचीत की है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए कर्नाटक में है। इसी दौरान सोनिया गांधी ने राहुल गांधी से मुलाकात कर राजस्थान के सियासी संकट और गुजरात-हिमाचल प्रदेश के चुनाव पर चर्चा की है।

हाईकमान राजस्थान में सरकार गिराने का रिस्क नहीं लेना चाहता
राजस्थान के सियासी घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत साफ कर चुके हैं कि वह 102 विधायकों को धोखा नहीं दे सकते हैं। जिन्होंने सरकार के संकट के समय साथ दिया था। सीएम गहलोत ने सोनिया गांधी से माफी मांगने के बाद भी यही वजह बताई थी। ऐसे में कांग्रेस पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के बावजूद कांग्रेस हाईकमान चाह कर भी गहलोत सरकार को लेकर सख्ती भरा फैसला नहीं ले पा रहा है। कांग्रेस हाईकमान राजस्थान में पार्टी की सरकार गिराने का खतरा नहीं लेना चाहता है। आपको बता दें राजस्थान में सीएम के फैसले को लेकर बुलाई गई। विधायक दल की बैठक का गहलोत समर्थक विधायकों ने बहिष्कार कर दिया था। इस प्रकरण में पार्टी हाईकमान ने दो मंत्रियों समेत तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर रखा है।

गहलोत समर्थक विधायक सचिन को सीएम बनाने के विरोध में
राजस्थान में सियासी संकट के आसानी से समाधान होने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सबको पता है कि अमित शाह के घर पर बैठक हुई थी। अमित शाह ने कांग्रेस के विधायकों को मिठाई खिलाई थी। गहलोत के इस बयान से साफ जाहिर है कि सचिन पायलट को बनाने के फैसले का हर हाल में विरोध किया जाएगा। हालांकि सीएम गहलोत ने यह भी कहा कि कांग्रेस में एक लाइन का प्रस्ताव मानने की परंपरा रही है। पिछले 50 साल से यही परंपरा रही है। विधायक दल का नेता होने के बावजूद मैं इस परंपरा का पालन नहीं करवा पाया। मुझे इस बात का गहरा दुख है। इसके लिए मैंने मैडम सोनिया गांधी से माफी मांग ली है।













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