राजस्थान: बंदर ने फेरा मेहनत पर 'पानी', कोर्ट में पुलिस बोली- आरोपी गिरफ्तार लेकिन सबूत के साथ बंदर 'फरार'
जयपुर, 05 मई: क्या कभी कोई जानवर हत्या के सबूत मिटा सकता है। सुनकर आपका सिर चकरा गया होगा, लेकिन यह सच है। वैसे क्राइम करने वाले के साथ-साथ सबूत मिटाने वाला भी कानून की नजर में अपराधी होता है। लेकिन क्या होगा जब अगर कोई जानवर इंसान के क्राइम के सबूत को मिटा दें। ऐसा ही कुछ हुआ है राजस्थान की राजधानी जयपुर में, जहां एक बंदर मर्डर केस में जुटाए गए सबूतों को लेकर रफूचक्कर हो गया। बंदर की तरफ से लेकर भागे सबूतों में हत्या करने वाला हथियार (खून से सना चाकू) सहित कई अहम सबूत थे।

निचली अदालत में पुलिस ने दी बताई घटना
हैरान कर देने वाली इस घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब राजस्थान पुलिस ने जयपुर की एक निचली अदालत में इसकी जानकारी दी। घटना पर गौर करें तो राजस्थान पुलिस के मुताबिक सितंबर 2016 में चांदवाजी थाना इलाके के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शशिकांत शर्मा नाम के शख्स की हत्या हो गई थी। शव मिलने के बाद मृतक के परिजनों ने मामले की जांच की मांग को लेकर जयपुर-दिल्ली हाईवे जाम कर दिया। वारदात के पांच दिन बाद पुलिस ने चांदवाजी निवासी राहुल कंडेरा और मोहनलाल कांडेरा को गिरफ्तार कर लिया था।

सबूतों के साथ भागा बंदर
पुलिस ने दोनों को हत्या के आरोप में अपर जिला न्यायाधीश की अदालत में पेश किया था, लेकिन जब अदालत में सबूत पेश करने का समय आया, तो पुलिस ने कहा कि एक बंदर ने हत्या के सबूत चुरा लिए हैं। पुलिस ने कहा कि चाकू, जो प्राइमरी सबूत था, उसे भी बंदर ले गया।

बंदर ने फेरा पुलिस की मेहनत पर 'पानी'
घटना को लेकर पुलिस ने कहा कि मामले से जुड़े सबूत एक बैग में रखे गए थे, जिसे कोर्ट ले जाया जा रहा था। चाकू के अलावा 15 अन्य अहम सबूत भी उसमें रखे गए थे। मालखाने में जगह की कमी के चलते सबूतों से भरा बैग एक पेड़ के नीचे रख दिया। बाद में जब अदालत ने पुलिस से सबूत पेश करने को कहा, तो पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि एक बंदर ने बैग चुरा लिया है। पुलिस ने यह जानकारी लिखित में कोर्ट के सामने भी पेश की है।












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