Dr Somya Gurjar : जयपुर ग्रेटर नगर निगम उपचुनाव में ई-मेल से रुकी काउंटिंग, राजस्थान में पहला मौका
जयपुर ग्रेटर नगर निगम चुनाव : राजस्थान में पहली बार ई-मेल से रुकी काउंटिंग, सौम्या गुर्जर फिर मेयर
जयपुर ग्रेटर नगर निगम के चुनाव में राजस्थान में इतिहास बना है। मेयर पद के लिए डाले मतों की गणना गुरुवार को एक मेल से रोक दी गई। राजस्थान में यह पहला मौका है। यहां पर भाजपा व कांग्रेस के पार्षद नए मेयर के लिए मतदान कर चुके थे, मगर मतगणना शुरू होने के आधे घंटे में ही कोर्ट के आदेश से मतगणना रोक दी। ऐसे में बर्खास्त की गई भाजपा की मेयर सौम्या गुर्जर की कुर्सी एनवक्त पर कुछ समय के लिए बच गई। सरकार की आगामी कार्रवाई तक वे मेयर बनी रहेंगी। सौम्या गुर्जर ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में मेयर पद अपडेट भी कर दिया है।

क्या है सौम्या गुर्जर वाला मामला?
राजस्थान की राजधानी जयपुर के ग्रेटर नगर निगम में मेयर पद के लिए समय से पहले उपचुनाव का मामला समझने के लिए साल 2021 में जाना होगा। दरअसल, 4 जून 2021 को जयपुर ग्रेटर नगर निगम कार्यालय में मेयर सौम्या गुर्जर, तत्कालीन आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव व अन्य पार्षदों के साथ विवाद हो गया था। 6 जून को रिपोर्ट चारों को दोषी मानते हुए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने सभी को पद से निलंबित कर दिया था।

सरकार ने मेयर सौम्या गुर्जर को किया था बर्खास्त
इसी मामले में 7 जून को सरकार ने शील धाबाई को कार्यवाहक मेयर बनाया। इसके बाद सौम्या गुर्जर हाईकोर्ट व बाद में सुप्रीम कोर्ट चल गई थीं। 23 सितम्बर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद राजस्थान सरकार को कार्यवाही के लिए स्वतंत्र करते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया था। 27 सितंबर को जयपुर ग्रेटर नगर निगम की तत्कालीन मेयर सौम्या गुर्जर को सरकार ने बर्खास्त कर दिया था। फिर राजस्थान निर्वाचन आयोग ने जयपुर ग्रेटर नगर निगम के नए मेयर के चुनाव की घोषणा की थी।

भाजपा से रश्मि व कांग्रेस से हेमा मैदान में
जयपुर ग्रेटर नगर निगम मेयर उपचुनाव 2022 में भाजपा की ओर से रश्मि सैनी और कांग्रेस से हेमा सिंघानिया मैदान में उतरीं। हेमा का दावा था कि उनके साथ कांग्रेस के 49 और 5 निर्दलीय पार्षद हैं। BJP से असंतुष्ट पार्षद भी उनके साथ हैं। जबकि, रश्मि अपनी पार्टी के 85 पार्षद एकजुट होने के दावे के साथ जीत तय मान रही थीं। 146 पार्षदों वाली ग्रेटर नगर निगम में भाजपा के 85, कांग्रेस के 49, निर्दलीय 12 व चार पद खाली हैं।
कोर्ट के आदेश से रुकी मतगणना
इधर, गुरुवार दोपहर को ग्रेटर नगर निगम जयपुर में नया मेयर चुनने के लिए मतगणना हो रही थी। उधर, सौम्या गुर्जर की याचिका पर हाईकोर्ट के जस्टिस महेंद्र गोयल ने सरकार के मेयर को बर्खास्त करने के ऑर्डर को रद्द कर दिया। उन्होंने सरकार को नया आदेश लाने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने दोपहर 12 बजे के आसपास ही रोक लगा दी थी, लेकिन इसका लिखित आदेश नहीं आया था।

ई-मेल दिखाकर रुकवाई मतगणना
सौम्या गुर्जर के वकील एमएस सहारण ने दोपहर 1 बजे राज्य निर्वाचन आयुक्त और रिटर्निंग ऑफिसर को ई-मेल करके हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उपचुनाव प्रक्रिया रोकने का आग्रह किया। राज्य निर्वाचन आयोग ने ई-मेल मिलने के कुछ ही देर बाद वोटों की काउंटिंग रोककर मतपेटियां सील करा दीं।












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