Rajasthan के सीकर में एक ही चिता पर हुआ पति-पत्नी का अंतिम संस्कार, पोती को चिता के पास ही मिट्टी में दफनाया
राजस्थान के सीकर जिले के पलसाना में सड़क दुर्घटना में दंपती की मौत हो गई। गांव में जब हादसे में मृतकों के शव पहुंचे तो कोहराम मच गया। एक ही चिता पर दंपती का अंतिम संस्कार किया गया। चिता के पास ही पोती को दफनाया गया।
Rajasthan के सीकर जिले के खंडेला रोड पर सड़क हादसे का शिकार हुए सुंदरपुरा की दंपत्ति का सोमवार को गांव मैं एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। उनकी एक साल की मासूम पोती मिताली को भी चिता के पास ही मिट्टी में दफनाया गया। मृतकों के शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में तीनों शव को अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया गया। आपको बता दें खंडेला रोड पर रविवार को सड़क हादसे में बाइक सवार सुंदरपुरा निवासी बीरबल राम गुर्जर और उनकी पत्नी जानकी देवी के साथ एक साल की पोती मिताली की मौत हो गई थी। हादसे में मृतकों के शव सोमवार को जैसे ही घर में पहुंचे तो कोहराम मच गया। तीनों शवों को एक साथ अंतिम संस्कार के लिए घर से रवाना किया गया। गांव में सरकारी स्कूल के पास स्थित श्मशान में मृतक दंपति का गमगीन माहौल में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। हादसे का शिकार हुई उनकी एक साल की पोती मिताली को भी चिता के पास मिट्टी में दफनाया गया।

खतरनाक मोड़ बन रहे हादसे की वजह
पलसाना के खंडेला सड़क मार्ग पर खतरनाक मोड़ है इस मोड़ पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। घुमावदार रास्तों पर छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं और लोगों की जान चली जाती है। इसी मोड़ पर रविवार को भी हादसा हुआ। इससे ठीक एक साल पहले भी यहां हादसा हो चुका है। जिसमें एक दर्जन लोगों की मौत हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक ऐसे घुमावदार मोड़ पर तेज रफ्तार वाहन नियंत्रण खो देते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। हादसे की अहम वजह खतरनाक घुमाव और वाहनों की स्पीड होती है।

इकलौती पोती मिताली की भी मौत
हादसे का शिकार हुए दंपत्ति के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा दिव्यांग है और छोटा बेटा मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। परिवार में बड़े बेटे के दिव्यांग होने की वजह से छोटे बेटे छोटू का पहले विवाह किया गया। बताया जा रहा है कि छोटू के एक ही बेटी मिताली थी। वह परिवार की इकलौती बेटी थी। हादसे वाले दिन वह भी दादा दादी के साथ मौजूद थी। अंतिम संस्कार में स्थानीय और आसपास के ग्रामीणों सहित कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। सरपंच प्रतिनिधि मनोज कुमार जांगिड़ ने पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी है।













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