Himachal Pradesh Assembly Election 2022 में चुनावी मुद्दा बनी गहलोत की पुरानी पेंशन योजना, जानिए वजह
Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सरकारी कर्मचारियों के लिए किए गए फैसले हिमाचल प्रदेश के चुनाव में मुद्दे बन गए हैं। पुरानी पेंशन बहाली पर बीजेपी को बैकफुट पर आना पड़ा है। बीजेपी को यह स्वीकार करना पड़ा है कि वह भी इसे लागू करने पर विचार करेगी। अगर कांग्रेस का पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली के साथ स्वास्थ्य योजना संविदा कर्मियों को स्थाई करना किसानों और बेरोजगारों के लिए किए गए वादे चल गए तो यह कांग्रेस के लिए ऑक्सीजन का काम करेंगे। लेकिन यह तभी संभव हो सकता है। जब कांग्रेस मजबूती से चुनाव लड़े। प्रियंका गांधी अपनी तरफ से पूरी ताकत लगा रही है। प्रियंका चाहती है कि इस बार पार्टी को चुनाव में जैसे तैसे जीत मिल जाए।

अशोक गहलोत की योजनाओं की तारीफ कर चुके हैं राहुल गांधी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का संविदाकर्मियों को पक्की नौकरी देने जैसा फैसला और समय पर प्रमोशन का मामला भी राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन गया है। राहुल गांधी ने इन तीन मामलों को लेकर अशोक गहलोत की पीठ थपथपाई है। हिमाचल में चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना और इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना भी चुनावी मुद्दे बनकर उभरे हैं।

कर्मचारियों की मोदी सरकार से नाराजगी
केंद्र की मोदी सरकार के फेसबुक से कर्मचारी बहुत नाराज हैं। तेजी से बढ़ते निजीकरण को लेकर सरकारी कर्मचारी उपेक्षित है। नया वेतन आयोग लगाने से भी मोदी सरकार ने मना कर दिया है। ऐसे में गहलोत की पुरानी पेंशन योजना लागू करने से पूरे देश में कर्मचारियों की उम्मीद जगी है। वाजपेयी सरकार ने 2004 में पेंशन बंद कर दी थी। नए वेतन आयोग को लटका दिया था। कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए सरकार बनने के बाद 2 वेतन आयोग आए। जिसमें सरकारी कर्मचारियों को निजी कंपनियों में काम करने वाले कार्मिकों की तरह सम्मानजनक वेतन मिला था। देशभर के सरकारी कर्मचारी भीतर ही भीतर अब कांग्रेस से उम्मीद करने लगे हैं।

हिमाचल में कांग्रेस भाजपा का सीधा मुकाबला
हिमाचल में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर है। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी अपनी उपस्थिति तो दर्ज करा रही है। लेकिन गुजरात की तरह चुनाव लड़की नहीं दिख रही है। जो कुछ भी वोट पाएगी। उससे कांग्रेस का ही नुकसान होगा। इसलिए कांग्रेस के गिनती के नेता जो प्रचार में लगे हैं। उनकी यही कोशिश है कि कोई एक ऐसा मुद्दा मिल जाए। जिससे बाजी पलट दी जाए। अगर पुरानी पेंशन योजना बहाली का मुद्दा चल गया तो कांग्रेस टक्कर में आ सकती है। इसलिए राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फैसलों को लेकर ट्वीट किए और दूसरे राज्यों को भरोसा दिलाया है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी राज्यों में इन्हें लागू किया।

सीएम अशोक गहलोत का फैसला बना राष्ट्रीय मुद्दा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जो फैसले राष्ट्रीय स्तर पर छा रहे हैं। उनमें प्रमुख रूप से पुरानी पेंशन योजना बहाली है। बीजेपी शासित राज्यों पंजाब झारखंड आदि ने भी इसे अपने यहां लागू कर बीजेपी का संकट बढ़ा दिया है। इसका असर यह हुआ है कि हिमाचल प्रदेश में बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री को भी घोषणा करनी पड़ गई है कि उनकी सरकार भी इसे लागू करेगी। जबकि हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर ने एक इंटरव्यू में पहले पुरानी पेंशन व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। सीएम जयराम ठाकुर ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाकर कांग्रेस पर हमला करते हुए। अपना पल्ला झाड़ लिया था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बयान जारी कर बताया था कि राजस्थान सरकार ने घोषणा नहीं बल्कि लागू करना शुरू कर दिया है। मामले ने तूल पकड़ा तो बीजेपी को कहना पड़ा हम भी इसे लागू करेंगे राजनीति के जानकार बताते हैं कि यह बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।












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