राजस्थान में पहली बार ACB के विरोध में उतरे बड़े अफसर, RAS से पूछताछ पर CS ऑफिस को घेरा
जयपुर, 28 अप्रैल। राजस्थान में आरएएस अफसर से पूछताछ पर 70 बड़े अफसरों ने सीएस ऑफिस को घेरा और कहा कि एसीबी दूध की धुली नहीं हैं इन्हें सस्पेंड किया जाना चाहिए। राजस्थान में ऐसा पहली बार हुआ है कि स्टेट सर्विस के सबसे बड़े अफसर ही एसीबी के विरोध में आ गए हैं। सीएस ने एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन की मौजूदगी में कहा कि एसीबी अफसरों से माफी मंगवा लेती हूं, मगर आरएएस बोले कि माफी नहीं, सस्पेंशन चाहिए।

दरअसल, मंगलवार को राष्ट्रीय पोषण मिशन में नौकरी लगाने की एवज में एक कंपनी के दो कर्मचारी 45 हजार रुपए की घूस लेते पकड़े गए थे। उसी दिन एसीबी ने मामले में गांधी नगर स्थित आईसीडीएस कार्यालय से सीनियर आरएएस भागचंद बधाल को पूछताछ के लिए बुलाया।
एसीबी का तर्क था कि उन्हें नौकरी की प्रक्रिया जानने के लिए बुलाया गया था। गुरुवार को जैसे ही आरएएस अफसरों को इसकी जानकारी मिली तो वे सीएमओ से लेकर सचिवालय तक सारे अफसर एकत्र हो गए। दोपहर तीन बजे करीब 70 आरएएस सीएस IAS ऊषा शर्मा से मिले।
सीएस से कार्रवाई का भरोसा दिया तो वे यहां से एसीएस होम अभय कुमार से मिलने पहुंचे। एसीएस वहां नहीं मिले, शुक्रवार को मुलाकात तय की। आरएएस अफसरों का तर्क था कि उन्हें टारगेट किया जा रहा है। मीडिया से बातचीत में एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने कहा कि हम किसी को टारगेट नहीं करते। जो शिकायत मिलती है। उसी के आधार पर कार्रवाई करते हैं। अलवर में भी एक फर्म ने शिकायत की थी। तब कार्रवाई की गई।
सीएस ने अपने चैंबर में एसीबी अधिकारी से माफी मंगवाने की बात कही। तब वहां एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन मौजूद थे, लेकिन आरएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष ने साफ कहा कि माफी समाधान नहीं है। अफसरों की इज्जत गई है। यह बर्दाश्त के बाहर है।
इसलिए राजस्थान हड़ताल पर भी जाना पड़े तो जाएंगे, लेकिन माफी नहीं सस्पेंशन चाहिए। भागचंद ने तो यहां तक कह दिया कि मेरे साथ-साथ उन एसीबी अफसरों की संपत्ति की भी जांच करवा लो, जो मुझे पूछताछ के लिए ले गए थे। मेरी संपत्ति आय से अधिक मिलती है तो सीएस कार्यालय से ही अरेस्ट कर लो।












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