राजस्थान में एक साथ नजर आईं IPS की तीन पीढ़ी, जानें ADG दिनेश एमएन व ACP अजयपाल लांबा में 'रिश्ता'?
जयपुर 6 जून। राजस्थान कैडर में आईपीएस की तीन पीढी एक साथ नजर आई हैं। तीनों ही IPS अलग-अलग स्टेट से हैं, मगर सबका मकसद एक ही रहा 'क्राइम फ्री राजस्थान' और ये सफल भी रहे हैं। हालांकि इनमें से एक आईपीएस रिटायर हो चुके हैं। दो अभी भी राजस्थान के 'अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास' पैदा करने में लगे हुए हैं।

एडीजी दिनेश एमएन ने एफबी पर शेयर की फोटो
राजस्थान पुलिस में तीन पीढ़ी वाले इन आईपीएस अधिकारियों के नाम सुधीर प्रताप सिंह, दिनेश एमएन और अजयपाल लांबा हैं। तीनों की तस्वीर राजस्थान एसीबी एडीजी दिनेश एमएन ने अपने फेसबुक पेज पर बीते दिनों शेयर की। फोटो कैप्शन में आईपीएस दिनेश एमएन ने तीनों अफसरों के बीच गजब का 'रिश्ता' भी बताया है।

तीनों आईपीएस दबंग छवि वाले
खास बात यह है कि राजस्थान पुलिस में तीनों की ही छवि दबंग आईपीएस की रही है। एक ने राजस्थान-पंजाब बॉर्डर इलाके में आतंकवाद पर चोट की। दूसरे ने घूसखोर अफसरों से जेल भर दी और तीसरे ने आसाराम समेत कई नामी अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।

आईपीएस दिनेश एमएन का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में आईपीएस दिनेश एमएन ने बताया कि बीते दिनों पूर्व आईपीएस अधिकारी सुधीर प्रताप सिंह जयपुर आए थे। वे दिनेश एमएन के घर भी आए। उनके साथ आईपीएस अजयपाल लांबा भी थे। तीनों ने साथ में भोजन किया था। यह तस्वीर उसी वक्त क्लिक की गई थी।
तीनों के बीच ट्रेनिंग का रिश्ता
बिहार, कर्नाटक व राजस्थान के मूल निवासी इन तीनों भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के बीच रिश्ता ये है कि सुधीर प्रताप सिंह वर्ष 1983 बैच के आईपीएस हैं। ये साल 1998 में जोधपुर एसपी थे तब इनके अंडर में 1995 बैच के आईपीएस दिनेश एमएन ने ट्रेनिंग ली। साल 2007 में जब दिनेश एमएन उदयपुर एसपी थे तब साल 2005 बैच के आईपीएस अजयपाल लांबा ने दिनेश एमएन के अंडर में प्रशिक्षण लिया।

आईपीएस सुधीर प्रताप सिंह की जीवनी
- SUDHIR PRATAP SINGH, IPS (Retd.) सुधीर प्रताप सिंह मूलरूप से बिहार के सारण जिले में अमनौर गांव के रहने वाले हैं।
- पटना में जन्मे सुधीर प्रताप सिंह ने बचपन में ही पिता विश्वनाथ प्रताप सिंह को खो दिया था।
- इनकी शुरुआती पढ़ाई सैनिक स्कूल तिलैया से हुई। उच्च
शिक्षा हंसराज कॉलेज दिल्ली से पाई।
- कृषि विभाग में निदेशक रहे पिता की मौत के बाद मां प्रभा सिंह ने सुधीर प्रताप सिंह समेत अपने पांच बेटे-बेटियों को खूब पढ़ाया-लिखाया और आगे बढ़ने का भरपूर अवसर दिया।

1983 में राजस्थान कैडर में आईपीएस बन गए
- साल 1981 में सुधीर प्रताप सिंह IRTS में अधिकारी बने। फिर से प्रयास कर साल 1983 में राजस्थान कैडर में आईपीएस बन गए।
-साल 2018 में NSG DG पद से रिटायर हुए आईपीएस सुधीर प्रताप सिंह अपने जमाने के दबंग आईपीएस रहे।
- राजस्थान कैडर में श्रीगंगानगर, अलवर व जोधपुर पुलिस अधीक्षक पद पर सेवाएं दी।
- श्रीगंगानगर एसपी थे तब आतंकवाद चरम पर था। तब आतंकवाद को कुचलने में इनकी भूमिका खास रही थी।
- सुधीर प्रताप सिंह ने CBI, CISF, CRPF जैसे विभागों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां बखूभी निभाई।
- जोधपुर में राजस्थान पुलिस कमांडो ट्रेनिंग स्कूल भी पूर्व आईपीएस सुधीर प्रताप सिंह के प्रयासों की देन है।

आईपीएस दिनेश एमएन की जीवनी
- IPS Dinesh MN का जन्म 6 सितम्बर 1971 को कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले की चिंतामणी तहसील के गांव मुनागनाहल्ली में नारायण स्वामी के घर हुआ।
- आईपीएस दिनेश एमएन ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन में बीई की डिग्री प्राप्त की। राजस्थान कैडर में 1995 बैच के आईपीएस बने।
- साल 1999 में राजस्थान के दौसा एएसपी के पद पर ज्वाइन करने वाले आईपीएस दिनेश एमएन करौली, सवाईमाधोपुर, अलवर, झुंझुनूं व उदयपुर में एसपी रहे।
- साल 2005 में उदयपुर एसपी रहते हुए दिनेश एमएन हिट्रीशीटर सोहराबुद्दीन शेख का एनकाउंटर केस में फंस गए।
- सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में दिनेश एमएन को साल 2007 से 2014 तक अहमदाबाद सेंट्रल जेल व मुंबई की तलोजा जेल में रहना पड़ा।
- 7 साल जेल में रहकर लौटे एमएन दिनेश को राजस्थान पुलिस में एसओजी, जयपुर व बीकानेर आईजी और एसीबी में लगाया गया।
- एसीबी में एडीजी रहते हुए आईपीएस दिनेश एमएन ने घूसखोर अफसरों से जेल भरने का नया रिकॉर्ड बना डाला।

आईपीएस अजयपाल लांबा की जीवनी
- IPS Ajay Pal Lamba का जन्म 7 अगस्त 1978 को सीकर राजस्थान में हुआ।
- आईपीएस अजयपाल लांबा वर्तमान में एसीपी जयपुर पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
- आईपीएस दिनेश एमएन के अंडर में ट्रेनिंग करने वाले आईपीएस अजयपाल लांबा ने भी उनकी तरह इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन में बीई कर रखा है।
-अजयपाल लांबा की छवि भी राजस्थान पुलिस में दबंग पुलिस अधिकारी की रही है।
-अजयपाल लांबा जयपुर, पाली, झुंझुनूं, अलवर व उदयपुर जिले में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं।
- ये सीआईडी सीबी और एसीबी में भी बतौर एसपी सेवाएं दे चुके हैं।
- गुरुकुल की नाबालिग छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न केस में आसाराम की गिरफ्तारी में अजयपाल लांबा की महत्वूपर्ण भूमिका रही थी।
- आसाराम केस के वक्त अजयपाल लांबा जोधपुर में पुलिस उपायुक्त पश्चिम के पद पर थे। इन्होंने आसाराम केस को लेकर पुस्तक 'गनिंग फ़ॉर द गॉड मैन' लिखी।












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