Jaipur Robbery Case : जीजा साली की पांचाल गैंग ने डाली थी 1.25 करोड़ की डकैती, इनकम टैक्स अधिकारी बनकर आए

जयपुर, 6 सितम्‍बर। राजस्‍थान की राजधानी जयपुर के गलता गेट इलाके में आटा कारोबारी सत्यनारायण तांबी के घर में 24 अगस्त की शाम को हुई डेढ़ करोड़ की डकैती की वारदात का खुलासा हो गया है। वारदात को दिल्‍ली की पांचाल गैंग ने अंजाम दिया था। गैंग में जीजा साली की जोड़ी भी शामिल थी। जयपुर पुलिस ने जीजा साली समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पांच आरोपियों की तलाश की जा रही है।

Jaipur Robbery Case

मीडिया से बातचीत में एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजयपाल लांबा ने बताया कि दिल्‍ली की पांचाल गैंग के सदस्‍य दो माह से जयपुर में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। बाइक से घूमकर कारोबारी के घर की लगातार रैकी कर रहे थे। मौका पाकर 24 की अगस्‍त को इनकम टैक्‍स अधिकारी बनकर घुसे और परिवार के लोगों को बंदूक की नोक पर बंधकर बनाकर 60 लाख रुपए नकदी और डेढ़ किलो सोना लूटकर भाग गए।

पुलिस जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी गैंग का सरगना संजय पांचाल, अशोक पांचाल और निशा पांचाल आपस में रिश्‍तेदार हैं। निशा संजय की साली है। ये दिल्ली में शाहदरा के रहने वाले हैं। इनके अलावा दिल्‍ली के रेहान उर्फ लीलू और अमन सिंह उर्फ मोनू भी आरोपी हैं। डकैती में सहयोग करने वाले आरोपी मुजफ्फर अली और वसीम उर्फ समीरउल्ला जयपुर में रामगंज के रहने वाले हैं। डकैती के आरोपी जोगेन्द्र पांचाल, रणजीत पांचाल, अजय पांचाल, छोटू और सुभाष पांचाल की तलाश की जा रही है।

जयपुर डीसीपी परिस देशमुख ने बताया कि डकैती की प्लानिंग के लिए संजय पांचाल अपने गैंग के सदस्यों के साथ 2 महीने पहले जयपुर आ गया था। झोटवाड़ा में नांगल जैसा बोहरा और आगरा रोड पर जामडोली में किराए का कमरा लेकर ठहरे। फिर जयपुर में गैंग के सदस्यों के साथ दो महीने तक रैकी की। इसमें संजय पांचाल की साली निशा ने रैकी में अहम रोल निभाया।

जयपुर पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि जयपुर के रामगंज निवासी मुजफ्फर अली और वसीम उर्फ समीरउल्ला ने दिल्ली में बैठी गैंग के सरगना को आटा कारोबारी सत्यनारायण तांबी के घर की जानकारी दी थी। बिजली फिटिंग करने के बहाने आरोपी मुजफ्फर अली ने सत्यनारायण के घर की रैकी की। उसने गारमेंट व्यवसाय से जुड़े दिल्ली निवासी रेहान और संजय पांचाल को बताया कि सत्यनारायण के घर में काफी रुपया और गहने हैं।

अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अजय पाल लांबा ने बताया कि गैंग की सबसे पहले पुख्ता सूचना गलता गेट थाने के कांस्टेबल कान्हाराम व जिला विशेष टीम के कांस्टेबल प्रदीप ने संयुक्त रूप से दी। इसके बाद सात आरोपियों को पकड़ा गया। राजस्‍थान डीजीपी एमएल लाठर ने दोनों कांस्टेबलों को विशेष पदोन्नति देने की घोषणा की। दोनों कांस्टेबल ने वारदात के बाद करीब दो माह पहले तक की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालकर डकैतों की कार व जिस मकान में ठहरे थे उसकी पहचान की।

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