Rajasthan में मंत्री विधायकों के टिकट जनता से राय लेकर काटेगी कांग्रेस, अप्रैल से शुरू होगा सर्वे
राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं। कांग्रेस में टिकट को लेकर एक्सरसाइज शुरू होने वाली है। पार्टी इस बार टिकट के पैटर्न में बदलाव करती है तो मौजूदा मंत्री-विधायकों के टिकटों पर खतरा हो सकता है।
Rajasthan में विधानसभा चुनाव में 10 महीने बचे हैं। राज्य के बजट के बाद इस बार मार्च-अप्रैल से टिकट को लेकर एक्सरसाइज शुरू होने वाली है। कांग्रेस में इस बार टिकट के पैटर्न में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे कमजोर जनाधार वाले मंत्री-विधायकों के टिकटों पर इस बार खतरा है। फिर से जीत नहीं सकने वाले मंत्री-विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं। इसके लिए एक सर्वे को आधार बनाया जाएगा। कांग्रेस जल्द सभी 200 विधानसभा सीटों पर जनता के बीच एक बड़ा सर्वे करवाएगी। आमतौर पर हर चुनाव से पहले सर्वे होते हैं। लेकिन इस बार सर्वे में ज्यादा से ज्यादा लोगों का फीडबैक लिया जाएगा। ताकि मौजूदा विधायक की खामियों, खूबियों और जीतने वाले उम्मीदवार पर तस्वीर साफ़ हो सके। सरकार और कांग्रेस संगठन के स्तर पर भी कई बार फीडबैक लिया गया है।

मार्च से सितंबर तक चलेगा सर्वे
कांग्रेस चुनावी साल में जो सर्वे करवाएगी पर टिकट वितरण के लिए बड़ा आधार बनेगा। मार्च अप्रैल से लेकर अगस्त सितंबर तक सर्वे का दौर चलेगा। हालांकि हर चुनाव से पहले पार्टियां सर्वे करवाती रही है। लेकिन इस बार कांग्रेस सर्वे के पैटर्न में बदलाव करेगी और ज्यादातर लोगों के बीच पहुंचकर राय लेने के लिए सैंपल साइज बड़ा करवाया जाएगा। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के मुताबिक सर्वे के आधार पर टिकट का फैसला होगा। पहले संगठन के खाली पद पर नियुक्तियों का काम होगा इसके बाद सर्वे पर काम होगा। कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी रंधावा ने पिछले सप्ताह कांग्रेस नेताओं से दो दिन तक अलग-अलग फीडबैक लिया था। इन बैठकों में कई नेताओं ने सुझाव दिया कि जिन मंत्रियों और विधायकों के फिर से जीतने की हालत नहीं है। उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जाना चाहिए।

नए चेहरों को मिलेगा मौका
प्रभारी रंधावा की वरिष्ठ नेताओं की बैठक में इस बात का जिक्र आया था कि राजस्थान हो या पंजाब कांग्रेस के ज्यादातर मंत्री चुनाव हारते हैं। इसलिए नए चेहरे को मौका देने का फार्मूला अपनाया जाना चाहिए। मौजूदा कांग्रेस सरकार गठबंधन सरकार है। 13 निर्दलीय और 6 बसपा से कांग्रेस में आए विधायक हैं। बताया जाता है कि इनमें से ज्यादातर से टिकट देने का वादा किया हुआ है। इन 19 में से ज्यादातर विधायकों के टिकट काटना आसान नहीं होगा। इन्हें टिकट देने पर कांग्रेस के भीतर चुनाव से पहले 19 सीटों पर बवाल होना तय है। पिछले चुनाव में इन 19 सीटों पर कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले नेता समय-समय पर अपनी नाराजगी जताते रहते हैं। 19 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार रहे नेताओं ने पिछले सप्ताह प्रदेश प्रभारी से मिलकर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जताई थी।













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