Congress ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट हिमाचल चुनाव में बनाया स्टार प्रचारक, जीत के लिए पार्टी की है यह रणनीति
Congress ने हिमाचल प्रदेश चुनाव के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट को स्टार प्रचारक के तौर पर शामिल किया है। कांग्रेस हाईकमान ने पायलट को हिमाचल प्रदेश के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गुजरात विधानसभा चुनाव में विशेष पर्यवेक्षक बनाया गया है। चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान सीएम गहलोत को हिमाचल में चुनाव प्रचार की बड़ी जिम्मेदारी दे सकता है। गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए अभी तक निर्वाचन आयोग ने तारीखों का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है हिमाचल चुनाव के बाद ही गुजरात में चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा। ऐसे में कांग्रेस ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को हिमाचल चुनाव के लिए स्टार प्रचारक बनाया है। कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राजस्थान के दोनों नेताओं को पार्टी के पक्ष में साधना चाहते हैं। खड़गे चाहते हैं कि गहलोत और पायलट आपसी मनमुटाव दूर कर हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का चुनाव प्रचार करें। हाल ही में कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। 40 नेताओं की इस सूची में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के नाम भी शामिल है।

हिमाचल प्रदेश में होंगे अगले महीने होने हैं चुनाव
हिमाचल प्रदेश में अगले महीने में 12 नवंबर को पहले चरण के मतदान होंगे। कांग्रेस हाईकमान ने हिमाचल प्रदेश चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को पर्यवेक्षक लगाया है। जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गुजरात चुनाव में पार्टी की कमान सौंपी गई है। गुजरात में अशोक गहलोत को मुख्य पर्यवेक्षक लगाया गया है। आपको बता दें हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को पहले चरण के मतदान होंगे। 25 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश में आचार संहिता लागू हो चुकी है।

हिमाचल में बीजेपी करना चाहती है सरकार रिपीट
हिमाचल प्रदेश में हर 5 साल बाद सरकार बदलने का ट्रेंड है। लेकिन बीजेपी इस मिथक को तोड़ने के प्रयास कर रही है। जबकि कांग्रेस ट्रेंड को बरकरार रखने की मंशा पाले हुए सत्ता पाना चाहती है। भाजपा एंटी इंकम्बेंसी ट्रेंड को प्रो इनकंबेंसी ट्रेंड में बदलने की रणनीति पर काम कर रही है। हिमाचल प्रदेश में 68 विधानसभा क्षेत्र है। जिसमें अभी बीजेपी के 44, कांग्रेस के 21, सीपीआईएम का 1 और दो निर्दलीय विधायक हैं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 8 जनवरी 2023 को पूरा होने जा रहा है।













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