CM Ashok Gehlot की हुई Priyanka Gandhi से मुलाकात, खड़गे की जीत से गहलोत खेमे में उत्साह
Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर उन्हें जीत की बधाई दी है। मलिकार्जुन खड़गे के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद अशोक गहलोत के खेमे में उत्साह देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली से जयपुर रवाना होने से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, पवन बंसल और मुकुल वासनिक के साथ अहम बैठक की। हालांकि बैठक में गहलोत से गुजरात चुनाव को लेकर कांग्रेस नेताओं ने फीडबैक लिया। लेकिन सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रियंका गांधी को मन की बात भी बता दी है। उन्होंने प्रियंका गांधी के सामने स्पष्ट कर दिया है कि वह मुख्यमंत्री पद से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। गहलोत की प्रियंका गांधी के साथ बैठक को लेकर सियासी गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दिल्ली दौरे के दौरान हाईकमान के निर्देश की अवहेलना करने वाले मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी भी दिनभर मुख्यमंत्री गहलोत के साथ रहे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ दोनों नेता जयपुर के लिए रवाना हुए।

सचिन पायलट ने मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर बधाई दी
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर बधाई दी है। दिल्ली में सचिन पायलट ने खड़गे की जीत पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र में इससे बेहतर उदाहरण नहीं हो सकता है। जब आंतरिक लोकतंत्र को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस पार्टी में चुनाव कराया है। इसमें 90 फ़ीसदी वोट मल्लिकार्जुन खड़गे को मिले हैं। यह लोकतंत्र की जीत है। यह कांग्रेस और देशवासियों की जीत है। एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी उन पर आई है। मेरा मानना है कि इस चुनाव से कांग्रेस में नई ताकत आई है। कांग्रेसी एकजुट हुई है। हम सब मिलकर उनके नेतृत्व में काम करेंगे। मीडिया से बातचीत के दौरान सचिन पायलट लगातार राजस्थान को लेकर किए गए सवालों को टालते रहे।

मल्लिकार्जुन खड़गे की जीत से अशोक गहलोत कैंप में उत्साह
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रियंका गांधी के साथ मीटिंग के बाद गहलोत कैम्प के विधायक और मंत्रियों में जबरदस्त उत्साह है। राजनीति के जानकारों की माने तो आखिर ऐसा क्या हुआ दिल्ली में। मुकुल वासनिक, केसी वेणुगोपाल और अंबिका सोनी ने हाईकमान को ऐसा क्या कहा कि गहलोत कैम्प में उत्साह देखा जा रहा है। पायलट कैंप बेसब्री से 19 अक्टूबर का इंतजार कर रहा था। लेकिन अब पायलट को कांग्रेस आलाकमान के फैसले का इंतजार है। कारण बताओ नोटिस झेलने वाले गहलोत के दो मंत्रियों शांति धारीवाल और महेश जोशी के हावभाव से संकेत है कि कांग्रेस हाईकमान से इन्हें माफी मिल गई है। पायलट कैम्प के विधायक असहज महसूस कर रहे हैं। गहलोत खेमे में खड़गे की इस जीत से खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।

पायलट कैम्प को हाईकमान के फैसले का इंतज़ार
दिल्ली के घटनाक्रम के बाद अब पायलट कैम्प को हाईकमान के फैसले का इंतजार है। दिल्ली में जिस तरह से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सक्रियता दिखाई। उससे गहलोत कैंप के विधायकों में उत्साह है। सियासी गलियारों में गहलोत कैंप के हाईकमान के पास मजबूत होने की चर्चा है। अब राजस्थान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के फैसले का इंतजार है। पायलट कैम्प के विधायक किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं। उधर पायलट कैंप के विधायक और मंत्री भी मौन साधे हुए हैं। प्रदेश में सियासी संकट के दौरान भी पायलट कैम्प के माने जाने वाले मंत्री रमेश मीणा, विश्वेंद्र सिंह, बृजेंद्र ओला और हेमाराम चौधरी ने चुप्पी साधे रखी थी। विश्वेंद्र सिंह ने तो खुलकर कह दिया कि सीएम गहलोत अपना तीसरा कार्यकाल पूरा करेंगे। जबकि मंत्री रमेश मीणा ने इशारों में कहा कि परिवार में एकजुटता रहनी चाहिए।












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