खाकी ने खाकी को पीटा : जयपुर ADCP बोले-'कमिश्नर नहीं बचाते तो भरतपुर में पुलिसकर्मी मुझे गोली मार देते'
जयपुर। राजस्थान में एक तरफ बदमाशों ने चूरू जिले के गांव ढाणी मौजी में चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया। वहीं, दूसरी ओर भरतपुर में 'खाकी' का हाथ 'खाकी' पर ही उठ गया। पुलिसकर्मियों ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल डीसीपी को जानवरों की तरह पीटा है। आरोप तो यहां तक है कि अगर जयपुर कमिश्नर नहीं बचाते तो भरतपुर पुलिस के जवान उनको गोली मार देते।

एडिशनल डीसीपी राजेंद्र खोत के अनुसार वे गुरुवार रात को धौलपुर में तारीख पेशी के बाद निजी कार से जयपुर लौट रहे थे। रास्ते में भरतपुर जिले के सेवर पुलिस थाना इलाके में मलाह पुलिया गश्ती दल ने उनको धमकाया। खोत ने आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपनी पहचान बताई। आईडी कार्ड भी दिखाया। इसके बावजूद उनके अभद्र तरीके से बात की गई। उन्होंने मथुरा गेट व अटल बंध पुलिस थाने के अलावा कंट्रोल रूम से चेतक भी बुलवाई, मगर पुलिसकर्मी नहीं माने।
एडिशनल डीसीपी खोत कहते हैं कि अगर मैंने शराब का सेवन कर रखा था तो कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी। भरतपुर पुलिसकर्मियों को वर्दी पहने पब्लिक सर्वेंट को जानवरों की तरह पीटने का हक किसने दिया। खोत का आरोप है कि भरतपुर के पुलिसकर्मियों ने खोत व उनके साथियों को बंदूक की बट से पीटा। जब वे उन्हें पुलिस थाने ले जा रहे थे तो खोत ने जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव को फोन किया।

श्रीवास्तव ने भरतपुर आईजी प्रसन्न खमेसरा को सूचना दी तो भरतपुर एसपी देवेंद्र विश्नोई मौके पर पहुंचकर को खोत को छुड़ाया और माफी भी मांगी। हालांकि खोत की लिखित शिकायत के बाद भी अभी तक आरोपियों पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया। खोत का कहना है कि अगर जयपुर कमिश्नर समय रहते उन्हें नहीं बचाते तो भरतपुर पुलिस के ये जवान उन्हें गोली मार देते या पुलिस थाने में ले जाकर निर्वस्त्र करके पीटते।












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