गैंग्स ऑफ राजस्थान रिटर्न : गैंगस्टर राजू ठेहट को निपटाने की फिराक में थे आनंदपाल गैंग के गुर्गे
जयपुर, 16 फरवरी। राजस्थान में फिर से गैंगवार शुरू होने की आशंका है। लगभग खत्म हो चुकी आनंदपाल गैंग फिर से एक्टिव होने का खुलासा है। चौंकाने वाली बात तो यह कि आनंदपाल गैंग अपने जानी दुश्मन राजू ठेहट को ठिकाने लगाने की फिराक में है। राजू ठेहट बीते दिनों जेल से बाहर आया। कभी आनंदपाल और राजू ठेहट में याराना हुआ करता था, मगर फिर यह दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। आनंदपाल जून 2017 को एनकाउंटर में मारा गया।

मनोज कुमार नेहरा ने किया खुलासा
गैंगस्टर राजू ठेहट को ठिकाने लगाने के प्लान का खुलासा बुधवार को जयपुर पुलिस के हत्थे चढ़े डोडा पोस्त तस्करों से पूछताछ में हुआ है। पुलिस ने पांच बदमाशों को पकड़ा था, जिनमें से एक आरोपी मनोज कुमार नेहरा आनंदपाल सिंह गैंग से जुड़ा है।

जयपुर में पकड़े गए नशे के सौदागर
दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक जयपुर पुलिस को इत्तला कि शहर में 200 फीट बाईपास रोड से बड़ी मात्रा में डोडा पोस्त की तस्करी होने जा रही है। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 175 किलो डोडा पोस्त के साथ तस्करी वाहन को एस्कॉर्ट करने वाली गैंग के 5 सदस्यों मनोज कुमार नेहरा, गोगराज, सुरेंद्र सिंह, नितेश व मनोज को गिरफ्तार किया।

आरोपियों से हथियार भी बरामद
आरोपी मनोज कुमार नेहरा चित्तौड़गढ़-मध्य प्रदेश से 1800 रुपए प्रति किलोग्राम में डोडा पोस्त खरीदकर हरियाणा व सीकर-झुंझुनूं के आस-पास के इलाके में तीन हजार रुपए प्रति किलो बेचता है। इसने जयपुर पुलिस की पूछताछ में बताया कि गैंगस्टर राजू ठेहट को मारने की फिराक में था। आरोपियों के पास से पुलिस ने हथियार भी बरामद किए।

राजू ठेहट व आनंदपाल दुश्मन कैसे बने?
- 1997 में बलबीर बानूड़ा और राजू ठेहट दोस्त हुआ करते थे। दोनों शराब के धंधे से जुड़े हुए थे।
- 2005 में हुई एक हत्या ने दोनों दोस्तों के बीच दुश्मनी की दीवार खड़ी कर दी। शराब ठेके पर बैठने वाले सेल्समैन विजयपाल की राजू ठेहट से किसी बात पर कहासुनी हो गई।
- विवाद इतना बढ़ा कि राजू ने अपने साथियों के साथ मिलकर विजयपाल की हत्या कर दी। विजयपाल रिश्ते में बलबीर का साला लगता था।
- विजय की हत्या से दोनों दोस्तों में दुश्मनी शुरू हो गई। बलबीर ने राजू के गैंग से निकलकर अपना गिरोह बना लिया।
- बलबीर की गैंग में आनंदपाल भी शामिल हो गया। फिरराजू के करीबी गोपाल फोगावट की हत्या हुई।
- साल 2016 तक शेखावाटी में 15 से ज्यादा हत्याएं हुईं। दोनों ही गैंग्स ने जेल तक दुश्मनी निभाई।
- 26 जनवरी 2014 को सीकर जेल में राजू ठेहट पर हमला हुआ तो छह महीने बाद ही बीकानेर जेल में आनंदपाल और बलबीर पर।
- हमलों में राजू ठेहट, आनंदपाल तो बच गए, लेकिन बलबीर मारा गया।
-पेशी से लौटते वक्त फरार हुआ आनंदपाल चूरू जिले के गांव मालासर में एनकाउंटर में 24 जून 2017 की रात को मारा गया।












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