नामीबिया से जयपुर के रास्ते कूनो पालपुर जाएंगे 8 चीते, कभी जयपुर के घरों में पाले जाते थे चीते
जयपुर, 13 सितंबर। देश में विलुप्त हो रहे चीतों को लेकर अच्छी खबर आ रही है। नामीबिया से 8 चीते कार्गो उड़ान से 17 सितंबर को जयपुर लाए जाएंगे। यहां आने के बाद उसी दिन इन चीतों को हेलीकॉप्टर से मध्य प्रदेश के कूनो पालपुर राष्ट्रीय उद्यान भेजा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को ही अपने जन्मदिन के मौके पर तीन चीतों को प्रतिस्थापना परियोजना के तहत उद्यान के विशेष बाड़े में छोड़ेंगे। देश में 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था।

कूनो पालपुर में नजर आएंगे चीते
मध्य प्रदेश के कूनो पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में चीते नजर आएंगे यह राष्ट्रीय उद्यान भोपाल से तकरीबन 400 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां देश-विदेश से सैलानी आते हैं। नामीबिया से आने वाले चीतों को हेलीकॉप्टर के जरिए कूनो पालपुर ले जाया जाएगा। इन्हें कितने हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर राष्ट्रीय उद्यान तक ले जाया जाएगा। यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

जयपुर का रहा है चीतों से गहरा जुड़ाव
जयपुर में एक जमाने में खूंखार चीतों को जानवरों की तरह पाला जाता था। आजादी के बहुत वक्त पहले जयपुर के राजा शौकिया तौर पर चीतों को पालते थे। इनका इस्तेमाल शिकार करने के लिए करते थे। जयपुर के परकोटा इलाके में आज भी चीते वालों के रास्ता बना हुआ है। कहा जाता है कि इस इलाके के घरों में चीतों को रखने के लिए पिंजरे आज भी मौजूद हैं। इस रास्ते में कभी ज्यादातर लोग चीतों को पालते थे। इन चीतों को शिकार के लिए ट्रेंड किया जाता था।













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